- अशोक कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल प्रथम, कार्यकाल चार साल से अधिक।
- केके राय, गंडक सिंचाई कार्य मंडल 2, कार्यकाल पांच साल से अधिक, यह पहले देवरिया में अधिशासी अभियंता थे, प्रमोशन हुआ तो यहीं अधीक्षण अभियंता हो गए।
- दिनेश सिंह, बाढ़ मंडल गोरखपुर, कार्यकाल पांच साल से अधिक।
- अवनीश साहू, गंडक बाढ़ मंडल बस्ती, कार्यकाल पांच साल से अधिक।
- भानु प्रताप सिंह, ड्रेनेज मंडल बलिया, कार्यकाल पांच साल से अधिक।
सहायक अभियंता भी कई साल से हैं तैनात
- ध्रुव जी सुमन, सिंचाई खंड कुशीनगर, तैनाती अप्रैल 2017। शमशाद अहमद खां, यह भी 2017 से कार्यरत हैं।
- अक्षय कुमार, सिंचाई खंड देवरिया, तैनाती 2006 से, जबकि मंडल में 2016 से कार्यरत हैं।
- मनोज कुमार सिंह, सिंचाई खंड देवरिया, तैनाती 2016 से।
- बीबी सिंह, बाढ़ खंड 2 गोरखपुर, तैनाती 2016 से।
- अनिल कुमार सिंह, सिंचाई खंड 2 महराजगंज, तैनाती 2017 से।
- आमोद कुमार सिंह, 2005 में जेई के रूप में यहां नियुक्त हुए और 2016 में एई बने। इस तरह से यह 18 सालों से मंडल में तैनात हैं। यह कुशीनगर से महराजगंज आ गए हैं।
- रमेश यादव, तैनाती 1997, सहायक अभियंता बनने के बाद 2013 से यहीं तैनात हैं। पहले महराजगंज अब कुशीनगर में नियुक्ति है।
- श्रवण कुमार प्रियदर्शी, पहले यहीं पर जेई थे, 2013 से एई है। इनकी तैनाती यहीं हैं। इनका ट्रांसफर 15 महीने पहले हो गया था, लेकिन यह अब भी कुशीनगर में कार्यरत हैं।
प्रदेश सरकार जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि जो लोग तीन साल व पांच साल से एक ही स्थान पर तैनात हैं, वे अब गंडक जोन में नहीं रहेंगे। ट्रांसफर नीति मई में आ रही है। उसके बाद कार्रवाई होगी। सरकार की जो नीति है उसका पालन हर हाल में होगा। ट्रांसफर के बाद यदि कोई रुका तो उसके लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उस पर कार्रवाई होगी।