गोरखपुर जिले की छह प्रमुख नदियों पर बने तटबंधों पर कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे बाढ़ निरोधक कार्य को पूरा करने की मियाद अब 15 जून कर दी गई है। प्रमुख कटान स्थलों पर बोल्डर पिचिंग सहित 24 परियोजनाओं को पहले 15 मई तक पूरा करना था। लेकिन चुनाव और कोरोना के कारण इसकी समयसीमा बढ़ा दी गई है। इसके लिए में 121 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जिसमें से 43.57 करोड़ की धनराशि रिलीज कर दी गई।
कुछ प्रमख परियोजनाएं
घाघरा नदी पर बने खड़गपुर-शाहपुर-सोपाई तटबंध की सुरक्षा के लिए 1236.66 लाख की लागत से बाढ़ निरोधक उपाय किए जा रहे हैं।
रोहिन नदी पर बने बनरहा विस्तार तटबंध के सुदृढ़ीकरण एवं उच्चीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसके कार्य पर 1134 लाख की लागत आएगी।
राप्ती नदी के तट पर बने सहजनवां -डुमरी बाबू तटबंध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के साथ ही तीन स्पर का निर्माण कराया जा रहा है। इस पर 1092.32 लाख खर्च होगा।
राप्ती नदी के तट पर स्थित बढ़या कोठा तटबंध के ग्राम बढ़या के समीप कटान निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। इस पर 502.47 लाख खर्च होगा।
गोर्रा नदी के बाएं तट पर स्थित बरही पाथ तटबंध पर कटान निरोध कार्य के लिए 713.63 करोड़ स्वीकृत हुआ है।
राप्ती नदी पर सेमरा नवलपुर तटबंध पर 706.56 लाख की लागत से बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता आलोक जैन ने बताया कि पंचायत चुनाव में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगने और कोरोना के कारण काम में काफी दिक्कत आई। विभाग के अधिकतर कर्मचारी और अभियंता कोरोना की चपेट में आ गए थे। काम हर जगह चल रहा है। तीन-चार स्थानों पर काम पूरे करा लिए गए हैं। शेष कामों में 70-80 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो गया है। 15 जून तक सभी काम पूरे हो जाएंगे।