फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईआरसीटीसी का फर्जी लेटर लगा जारी किया नियुक्ति पत्र, सीपीओ दफ्तर व स्टेशन पर पकड़ा गया मामला

विज्ञापन
demo
विज्ञापन
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) का फर्जी लेटर पर नियुक्ति पत्र जारी करने का मामला पकड़ में आया है। बुकिंग क्लर्क पद के लिए मेरठ के मदन लाल के नाम नियुक्ति पत्र जारी किया गया है। इसी पत्र के आधार पर एक युवक को जालसाजों ने फंसाया था, लेकिन ठगी का शिकार होने के पहले युवक बच गया। सीपीओ दफ्तर पर पहुंचे युवक को जब रेलकर्मियों ने बताया कि नियुक्ति पत्र फर्जी है तो उसके होश उड़ गए। हालांकि युवक ने शिकायत दर्ज नहीं कराई। मामला संज्ञान में आने पर आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने इसे फर्जी बताते हुए ऐसी किसी नियुक्ति से इनकार किया है। साथ ही युवाओं से झांसे में न फंसने की अपील भी की है। उधर, रेलवे विजिलेंस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
विज्ञापन


फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने का खुलासा तब हुआ जब बशारतपुर निवासी एक युवक बुकिंग क्लर्क का नियुक्ति पत्र लेकर बुधवार को रेलवे स्टेशन पर आईआरसीटीसी के अधिकारियों से मुलाकात की। अधिकारियों ने पत्र को फर्जी बताया। युवक ने बताया कि एक जालसाज और एक रेलकर्मी ने उससे भी नौकरी दिलाने के लिए संपर्क किया है और इसी पत्र को दिखाया है। नौकरी के नाम पर डेढ़ लाख की मांग की गई है। इसके बाद युवक सीपीओ दफ्तर पहुंचा तो वहां भी नियुक्ति पत्र को फर्जी बताया गया। सीपीओ दफ्तर में कार्यरत एक रेलकर्मी का कहना है कि आए दिन ऐसे पत्र लेकर युवक आ रहे हैं।

बहकावे में न आएं, रेलवे बोर्ड करता है नियुक्ति
आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव का कहना है कि रेलवे में ग्रुप सी की नियुक्ति रेलवे बोर्ड से होती है। आईआरसीटीसी सिर्फ खानपान और ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था संभालता है। बुकिंग क्लर्क की नियुक्ति का पत्र फर्जी है। युवक फर्जीवाड़े में न आएं। किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें