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Gorakhpur: जांच की आंच पहुंची मेडिकल कॉलेज की स्त्रीरोग विभागाध्यक्ष तक, प्रसूता की मौत के बाद मचा बवाल

Wed, 23 Nov 2022 10:46 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने पत्र में बताया है कि जांच समिति को मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन और गायनी विभाग के बीच समन्वय की कमी मिली है। यही नहीं किसी तरह के प्रोटोकॉल यानी सामान्य शिष्टाचार का पालन भी नहीं किया गया।
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BRD - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सिद्धार्थनगर की निवासी चंदा त्रिपाठी की मौत के मामले की जांच की आंच बीआरडी मेडिकल कॉलेज की गायनी की विभागाध्यक्ष डॉ. वाणी आदित्या तक पहुंच गई है। जांच समिति ने उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। यही नहीं, समिति ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था को पूरी तरह से नाकाम बताया है। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।  

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जानकारी के अनुसार, चंदा त्रिपाठी की मौत मामले की जांच करने वाली शासन स्तर की जांच समिति को कई तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने पत्र में बताया है कि जांच समिति को मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन और गायनी विभाग के बीच समन्वय की कमी मिली है। यही नहीं किसी तरह के प्रोटोकॉल यानी सामान्य शिष्टाचार का पालन भी नहीं किया गया।

अंतरविभागीय व्यवस्था भी नाकाम मिली है। इसकी वजह वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कमी है। इस आधार पर गायनी की विभागाध्यक्ष पर कार्रवाई करने की संस्तुति की जा रही है। वहीं, इस मामले में एक दिन पहले सोमवार को इमरजेंसी के सीएमएस को निलंबित किया जा चुका है। जबकि प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा गया है।  
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राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मामले की जांच का आदेश मंडलायुक्त (कमिश्नर) को दिया है। उन्हें एक माह में रिपोर्ट शासन को भेजनी है। इमरजेंसी के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमएस) डॉ. एके श्रीवास्तव को निलंबित करने और प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार से स्पष्टीकरण मांगने से मेडिकल कॉलेज में हड़कंप की स्थिति है।

 

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मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में चारों तरफ इसी की चर्चा रही। जबकि कार्रवाई दर कार्रवाई ने डॉक्टरों के भी हाथ-पांव फुला दिए हैं। गायनी से लेकर एसआईसी कार्यालय तक में माहौल तनावपूर्ण है। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि जांच समिति ने कई पहलुओं पर जांच की है। जो भी आरोप लगे हैं, उनका सिलसिलेवार जवाब दिया जाएगा।

यह है मामला
शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी के बड़े भाई की पुत्रवधू चंदा त्रिपाठी की मौत 22 जुलाई को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई थी। मामले की शिकायत शिक्षक विधायक ने उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से की थी। आरोप लगाया था कि बेलहरा गांव निवासी मेरे भाई संदीप त्रिपाठी की पत्नी चंदा त्रिपाठी को 22 जुलाई को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए लेकर आए थे।

मरीज की गंभीरता को दरकिनार करते हुए डॉक्टर उसे एक वार्ड से दूसरे वार्ड में दौड़ाते रहे। इस संबंध में कई बार प्राचार्य को फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। इलाज नहीं मिलने की वजह से चंदा की मौत हो गई। शिकायत पर स्वास्थ्य महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने एसजीपीजीआई और केजीएयमू के डॉक्टरों की देखरेख में जांच कमेटी बना दी है। कमेटी को 31 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपनी है।
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