मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में चारों तरफ इसी की चर्चा रही। जबकि कार्रवाई दर कार्रवाई ने डॉक्टरों के भी हाथ-पांव फुला दिए हैं। गायनी से लेकर एसआईसी कार्यालय तक में माहौल तनावपूर्ण है। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि जांच समिति ने कई पहलुओं पर जांच की है। जो भी आरोप लगे हैं, उनका सिलसिलेवार जवाब दिया जाएगा।
यह है मामला
शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी के बड़े भाई की पुत्रवधू चंदा त्रिपाठी की मौत 22 जुलाई को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई थी। मामले की शिकायत शिक्षक विधायक ने उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से की थी। आरोप लगाया था कि बेलहरा गांव निवासी मेरे भाई संदीप त्रिपाठी की पत्नी चंदा त्रिपाठी को 22 जुलाई को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए लेकर आए थे।
मरीज की गंभीरता को दरकिनार करते हुए डॉक्टर उसे एक वार्ड से दूसरे वार्ड में दौड़ाते रहे। इस संबंध में कई बार प्राचार्य को फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। इलाज नहीं मिलने की वजह से चंदा की मौत हो गई। शिकायत पर स्वास्थ्य महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने एसजीपीजीआई और केजीएयमू के डॉक्टरों की देखरेख में जांच कमेटी बना दी है। कमेटी को 31 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपनी है।