मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा फ्लीट के सामने चार दिसंबर 2025 को बस घुसने की घटना की विभागीय जांच अभी जारी है। मामले में रूट व्यवस्था में लगे एसपी यातायात, सीओ बांसगांव और बेलीपार थानेदार की भूमिका की विभागीय जांच चल रही है।
अभी मामले में केवल एसपी यातायात का ही बयान दर्ज हो पाया है। वहीं सीओ व थानेदार को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह घटना स्पोर्ट्स कॉलेज से एयरपोर्ट लौटते समय हुई थी। उस समय संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी प्रमुख चौराहों और रूट पर लगी थी।
प्रारंभिक जांच में इसे समन्वय की कमी और निगरानी में लापरवाही से जोड़कर देखा गया। तत्कालीन एसएसपी राजकरन नय्यर ने जांच के आदेश दिए थे, हालांकि उन्होंने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक नहीं माना था। जांच की जिम्मेदारी एसपी सिटी अभिनव त्यागी को सौंपी गई है।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच अभी चल रही है और पूरी होने के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके अलावा उस दिन रूट पर तैनात अन्य पुलिसकर्मियों से भी बातचीत की जाएगी, ताकि स्पष्ट हो सके कि बस काफिले के सामने कैसे पहुंची और किस स्तर पर लापरवाही हुई।
अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामले में सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय भी जांच में शामिल हैं।
जांच प्रक्रिया में अधिकारियों की भूमिका, रूट पर समन्वय और निगरानी की जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों पर विभागीय कार्रवाई और आवश्यक सुरक्षा सुधारों पर कदम उठाए जाएंगे।