खेल के क्षेत्र में अपना करियर देख रहे युवाओं के लिए दीक्षा ने कहा कि मेरा मानना है कि जिस भी क्षेत्र में युवाओं की रूचि हो वो उसमें अपना करियर बनाना चाहिए। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है इसलिए मेहनत करने से कभी न कतराएं। हार-जीत जिंदगी के दो पहलू हैं, इस नाते जीवन में संघर्ष से न घबराएं। अगर आप स्पोर्टस में अपना करियर तराश रहे हैं तो उसके लिए दिल से पागलपन होना चाहिए, तभी तय मंजिल पर आप पहुंचेंगे।
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दीक्षा ने कहा कि बीते कुछ सालों से खेल के प्रति लोगों में बेहद जागरूकता आई है। पहले अभिभवक चाहते थे कि उनके बच्चे इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, अफसर, आदि बने। लेकिन, अब यह बदलाव दिख रहा है कि वे बच्चों को खेल के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के मुकाबले अमेरिका-यूरोप जैसे देशों में गोल्फ की लोकप्रियता ज्यादा है। यह दुर्भाग्य की बात है कि अभी भी भारत में गोल्फ को लेकर इतनी जागरूकता नहीं है। इसकी मुख्य वजह गोल्फ का महंगा होना और जागरूकता की कमी है। इस महीने में होने वाले एशियन गेम्स ट्रायल में दीक्षा भाग लेने वाली हैं और मई में फ्रांस में होने वाली जबरा लेडिज ओपन में भी वह अपना प्रदर्शन देंगी।