अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर संर्घष कर जिंदगी में मुकाम हासिल करने वाले युवाओं की कहानी सभी की प्रेरणादायी है। संर्घषों की बुनियाद पर सफलता की इबारत लिखकर स्वयं खुशहाल रहने के साथ ही दूसरो की जिंदगी भी सवार रहे हैं।
एक ऐसे ही युवा अनिल विश्वकर्मा जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के कमासीन बुजुर्ग के रहने वाले हैं। महज 29 साल की उम्र में कुछ करने के जुनून ने उन्हें भीड़ से अलग कर दिया। आज वह एक सफल कारोबारी के साथ साथ बेहतर आईटी एक्सपर्ट भी हैं।
मेरठ से बीटेक करने वाले अनिल की कहानी में ढ़ेर सारे उतार चढ़ाव हैं। जवानी की दहलीज पर कदम रखते ही संघर्षो से नाता जुड़ गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में बीटेक पूरा होने के बाद नौकरी ढूढ़ने लगे। वर्ष 2014 उत्तराखंड में एक प्राइवेट कंपनी में काम मिला। लेकिन उन्हें नौकरी रास नहीं आई।
आठ माह नौकरी करने के बाद छोड़कर घर चले आए। इसके बाद तकनीकी ज्ञान के माध्यम से कुछ करने की इच्छा हुई तो बजट की समस्या आ गई। घर से भी बहुत कुछ नहीं मिल पाया। 26 सितंबर वर्ष 2015 को दोस्तो से उधार लेकर महराजगंज शहर में एक छोटा सा कार्यालय खोला। जहां ऑनलाइन वर्क समेत तमाम तकनीकी कार्य शुरू किया। लेकिन कार्य में मुश्किलें आती गईं।