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International Youth Day 2020: गोरखपुर की इस बेटी ने अमेरिकी कंपनी की नौकरी छोड़ किया ऐसा काम, जानकर आप भी करेंगे गर्व

Wed, 12 Aug 2020 03:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • शहर की बेटी श्रीती ने 80 दिन में तैयार कर दिया कोविड अस्पताल
  • पटना के डीएफवाई अस्पताल परिसर में 7000 वर्ग फीट में बनाया इको फ्रेंडली भवन
  • अमेरिकी कंपनी की नौकरी छोड़ पर्यावरण संरक्षण के लिए कर रहीं काम
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श्रीती पांडेय। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हम अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर गोरखपुर की बेटी श्रीती पांडेय के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसने अपने कामकाज व व्यक्तित्व से देश, दुनिया में मान बढ़ाया है। बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं। श्रीती पांडेय ने पराली निर्मित प्लाइवुड व स्टील के फ्रेम पर इको फ्रेंडली भवन बनाकर इतिहास रच दिया।

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श्रीती ने 80 दिनों में ही बिहार में कोविड अस्पताल तैयार कर दिया। इसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को ही किया है। अमेरिका से परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली श्रीती कुछ नया करने की इच्छा के साथ भारत लौटीं। अब कंपनी बनाकर अनूठी मुहिम में लग गई हैं।

मिलेगी परिंदों को मंजिल, ये उनके पर बोलते हैं, रहते हैं कुछ लोग खामोश, लेकिन उनके हुनर बोलते हैं। ये पंक्तियां शहर की बेटी श्रीती पांडेय पर सटीक बैठती हैं। श्रीती ने महज 80 दिन में ही पटना के डीएफआई अस्पताल परिसर में 7000 वर्ग फीट में नया कोविड अस्पताल तैयार कर दिया, वह भी इको फ्रेंडली। लागत सवा करोड़ रुपये आई, जो अन्य विधियों से निर्माण से 25 से 30 फीसदी कम है।
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धान की भूसी और स्टील फ्रेम से बना अस्पताल भवन पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है। मंगलवार को केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस भवन का ऑनलाइन उद्घाटन किया।

इको फ्रेंडली भवन बनवाती श्रीती पांडेय। - फोटो : अमर उजाला।
महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के प्रबंधक और समाजसेवी मंकेश्वर नाथ पांडेय की 28 वर्षीय बेटी श्रीती ने वर्ष 2014 में गाजियाबाद से बीटेक करने के बाद न्यूयार्क यूनिवर्सिटी से कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट में मास्टर की डिग्री हासिल की। इसके बाद उनकी नौकरी एक अमेरिकी कंपनी में लग गई। श्रीती कुछ नया करना चाहती थीं, इसलिए नौकरी में मन नहीं लगा और अपने वतन लौट आईं।

कुछ दिन श्रीती ने खंडवा में आदिवासियों के बीच गुजारा। यहां पराली जलता देख इसके इस्तेमाल का ख्याल आया। इसके बाद वह चेक रिपब्लिक (यूरोप) चली गईं, वहां पराली और धान की भूसी से बोर्ड बनाने की ट्रेनिंग ली। फिर उन्होंने स्ट्रक्चर इको लिमिटेड कंपनी रजिस्टर्ड कराई। पहला निर्माण उन्होंने एमजी इंटर कॉलेज में तीसरे तल पर 6000 वर्ग फीट में किया। 10 क्लास रूम बनाए, जिनका तापमान अन्य कमरों से पांच डिग्री सेल्सियस कम पाया गया।
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भोपाल में तैयार किया आंगनबाड़ी भवन

श्रीती की कंपनी ने भोपाल में महिला हाऊसिंग ट्रस्ट की ओर से बनवाए गए आंगनबाड़ी भवन को तैयार किया है। मात्र 20 दिन में ही 600 वर्ग फीट में निर्माण कराया गया है। लागत 14.50 लाख रुपये आई।

60 लाख रुपये फेलोशिप देगी यूएसए की कंपनी
यूएसए की प्रतिष्ठित कंपनी इकोइंग ग्रीन, श्रीती की कंपनी को 60 लाख रुपये फेलोशिप देगी।  दुनिया की 3000 संस्थाओं में से मात्र 8 को फेलाशिप के लिए चुना गया है, जिसमें भारत से श्रीती पांडेय की कंपनी भी शामिल है। इसके साथ ही आईआईएम कोलकाता ने श्रीती की कंपनी में एक प्रतिशत शेयर के लिए 30 लाख निवेश की स्वीकृति दी है।
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