बृहस्पतिवार को केंद्रीय आंतरिम बजट पेश होगा। इस बजट में व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। व्यापारी चाहते हैं कि कानून का पेज काम करते हुए नियम को सरल किया जाए। इसके साथ ही टैक्स निर्धारण करके स्लैब में भी परिवर्तन हो,ताकि व्यापार करने में आसानी हो। उनका कहना है कि आठ लाख तक की आय पर छूट मिले और जीएसटी भी एक समान किया जाए। व्यापरियों का मानना है कि यह बजट लोकसभा चुनाव के ठीक पहले पेश हो रहा है लिहाजा उनके हितों का ज्यादा ध्यान रखा जाएगा।
व्यापारियों की बात
टैक्स में छूट के साथ व्यापार में नियमों का पेंच कम होना चाहिए। मासिक और वार्षिक रिटर्न दाखिल करने के बाद यदि कोई त्रुटि पता चलती है तो संसाधन का प्रावधान होना चाहिए। व्यापार में नौकरशाही से परेशानी कम होनी चाहिए।
-राजीव रस्तोगी, अध्यक्ष चेंबर ऑफ इलेक्ट्रिकल्स
आयकर की सीमा आठ लाख रुपये होनी चाहिए। 999 रुपये तक 5 प्रतिशत और उससे अधिक के व्यापार पर 12 प्रतिशत जीएसटी है। इसमें व्यापारी का नुकसान हो रहा है। जीएसटी की दर एक समान होनी चाहिए।
-अभिषेक शाही, अध्यक्ष गोलघर व्यापार मंडल।
सोने पर 15 प्रतिशत आयात शुल्क और तीन प्रतिशत जीएसटी है। आयात शुल्क कम करना चाहिए, इससे तस्करी रुकेगी और व्यापार करने में आसानी होगी। नगद लेन-देन लाख रूपये निर्धारित की गई है, इसकी सीमा बढ़नी चाहिए।
-पंकज गोयल, संरक्षक सर्राफा मंडल
बजट में बिजली और पेट्रोल, डीजल , गैस सस्ता करना चाहिए। उद्योग और व्यापार बढ़ेगा, जबिक आम आदमी को भी राहत मिलेगी। घरेलू और कमर्शियल गैस की दर एक समान करने की आवश्यकता है।
-नितिन जायसवाल, अध्यक्ष गोरखपुर उद्योग व्यापार संगठन