जनवरी- 815
फरवरी- 828
मार्च- 879
अप्रैल-1074
मई- 202
जून- 192
जुलाई-226
अगस्त- 192
इंटरसेप्टर वाहन हाईवे पर किनारे लगा दिया जाता है। कैमरे को वाहनों की ओर कर दिया जाता है। साथ ही वाहन के अंदर लगी मशीन और मॉनीटर पर तकनीकी कर्मी गति सीमा देखता है। गति सीमा अधिक पाए जाने पर उस मशीन से तत्काल चालान काट दिया जाता है। इंटरसेप्टर वाहन का वीडियो भी बना लेता है। आवश्यकता पड़ने पर उसे वाहन चालकों को सबूत के तौर पर दिया जा सकता है। इंटरसेप्टर पर लगा कैमरा 360 डिग्री के एंगल में घूम सकता है। इससे किसी भी वाहन की ओवरस्पीड को मापा जा सकता है।
संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन संजय कुमार झा ने कहा कि ओवरस्पीड वाहन और दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए मंडल को दो इंटरसेप्टर वाहन मिलने वाले हैं। इसके लिए मुख्यालय में अफसरों को ट्रेनिंग दी जा रही है। ये वाहन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।