दरअसल, आतंकी गतिविधियों में स्थानीय खुफिया एजेंसी पहली बार फेल नहीं हुई है। इससे पहले गोरखनाथ मंदिर में हमला करने के आरोप में पकड़े गए संदिग्ध मुर्तजा हुसैन रहमानी के मामले में भी एलआईयू को भनक नहीं लगी थी।
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गोरखपुर से नेपाल जाकर वह बांका लेकर आया और गोरखनाथ मंदिर में जवानों पर हमला कर दिया। बाद में जब वह पकड़ा गया और लखनऊ की टीम ने जांच शुरू की तो एक के बाद एक तथ्य सामने आने लगे। कुछ ऐसी ही चूक इस बार भी हुई है। गोरखपुर में तारिक आराम से अपना नेटवर्क फैला रहा था और लखनऊ एटीएस ने जब उसे पकड़ा तब गोरखपुर के एलआईयू को इसकी भनक लगी।
लखनऊ से पकड़ा गया था तारिक
गोरखपुर के कोतवाली इलाके के निवासी तारिक अतहर को सात जुलाई को एटीएस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद एटीएस ने तारिक को जेल भिजवा दिया। कोतवाली पुलिस ने तारिक के पिता का बयान भी दर्ज किया था। एटीएस अब पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।