गोरखपुर दीवानी कचहरी में बरगद के पेड़ों की पत्तियों पर कीटों ने घरौंदे बना लिए हैं। ये कीट पेड़ को नुकसान तो पहुंचा ही रहे हैं, पर्यावरण की दृष्टि से भी खतरनाक हैं। दरअसल, देखने में पत्तियों पर बीज के आकार का उभार नजर आ रहा हैं, लेकिन, इनके भीतर कीट रहते हैं। अधिवक्ता संदीप गुप्त बताते हैं, करीब तीन महीने पहले वन विभाग के लोगों ने आकर पेड़ की छंटाई की थी। लेकिन, इधर कुछ दिनों से बरगद के पत्तों पर बीज जैसे आकार फिर दिखने लगे हैं।
सिविल कोर्ट एसोसिएशन बार मंत्री अनुराग दुबे ने कहा कि दीवानी कचहरी में बरगद के चार पेड़ हैं। सभी पर साइबेरियन पक्षियों ने डेरा जमा लिया है। उनके बीट से अधिवक्ता बहुत परेशान हैं। दो पेड़ की पत्तियों पर कीट भी लगे हैं। इस मामले को वन विभाग और जिला जज के संज्ञान में लाया गया है। पेड़ के संरक्षण के लिए कीटों को कैसे नष्ट किया जाए, इसके लिए वनस्पति विज्ञानियों से भी राय ली जाएगी।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के आचार्य प्रो. बीएन पांडेय ने कहा कि यह कीट पित्त (इनसेक्ट गॉल) है, यानी कीड़े का घर या थैली है। इनमें कीड़े रहते हैं। इसे खोलने पर अंदर कीड़े मिलेंगे। गर्मी के मौसम में ये स्वत: नष्ट होने लगते हैं। पत्तियां जब झड़ती हैं, तब भी गिर जाते हैं। लेकिन, जिस पेड़ पर कीट पित्त लगते हैं, उसे काफी नुकसान पहुंचा देते हैं। पेड़ के पोषक तत्व पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।