दान अभिलेखों में स्टांप ड्यूटी की छूट के बढ़ते दुरुपयोग पर रोक के लिए खून के रिश्ते में दान लेकर उसी संपत्ति को दान देने वालों की सूची तैयार की जा रही है। इसके लिए गोरखपुर समेत सभी जिलों के निबंधन कार्यालय को एक सप्ताह का समय दिया गया है।
दान अभिलेखों में छूट की योजना 17 दिसंबर को समाप्त हो जाएगी। इसके बाद सरकार समीक्षा करेगी कि योजना कितनी लाभप्रद साबित हुई और इससे राजस्व को कितनी क्षति पहुंची।
माना जा रहा है कि इस समीक्षा में दान लेकर दान देने से होने वाले नुकसान का भी आकलन होगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक यदि योजना आगे भी चालू रखी जाएगी, तो दान लेकर उसी संपत्ति को दान देने पर कुछ प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
उधर, योजना की मियाद पूरी होती देख अब इसका लाभ लेने वालों की संख्या और बढ़ गई है। रोजाना होने वाले बैनामों में 40 से 50 फीसदी दान विलेख से जुड़े रह रहे। प्रदेश सरकार ने 20 जून 2022 से योजना शुरू की थी, जो छह महीने के लिए लागू की गई है।
योजना के प्रभावी रहने की आखिरी तिथि 17 दिसंबर है। योजना के तहत गोरक्षनगरी में ही खून के रिश्ते में बैनामा कराने वालों को 35 करोड़ से अधिक का लाभ हुआ है। शुरूआती एक महीने के भीतर ही सरकार की इस योजना से जिले के लोगों को सात करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
इन्हें अचल संपत्ति दान करने पर है स्टांप में छूट
पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधु (पुत्र की पत्नी), दामाद(पुत्री का पति), सगा भाई, सगी बहन, पुत्र/पुत्री के पुत्र-पुत्री
डीआईजी स्टांप केपी पांडेय ने कहा कि शासन के निर्देश पर ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है जो दान अभिलेखों के जरिए दान में संपत्ति हासिल कर उसी संपत्ति को दूसरों को दान कर रहे हैं। तीन से चार दिन में सूची तैयार हो जाएगी।