गोरखपुर भले ही मुख्यमंत्री के आदेश पर शादी एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के लिए अनुमति लेने की बाध्यता खत्म हो गई हो, लेकिन कोरोना संक्रमण से बचाव संबंधी गाइडलाइन के तहत मैरिज हाल और होटल संचालकों को शादी व उसमें होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम की सूचना संबंधित थाने को देनी होगी। साथ ही उसकी एक प्रति स्वयं रखनी होगी। वहीं मैरिज हाल में काम करने वाले सभी कर्मचारियों एवं वेटरों की समय-समय पर कोरोना जांच करानी होगी।
शुक्रवार को मैरिज हाल, होटल मालिकों एवं बैंड बाजा के प्रोपराइटरों के साथ एनेक्सी भवन में बैठक करते हुए अपर जिलाधिकारी नगर आरके श्रीवास्तव ने यह निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मैरिज हाल के स्टाफ एवं बैंड बाजा वालों को छोड़कर बरातियों की संख्या 100 से अधिक नहीं होनी चाहिए। कोरोना से बचाव के प्रोटोकाल को देखते हुए आयोजन में 10 साल से छोटे बच्चे व 65 साल से ऊपर के बुजुर्ग व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं एवं पहले से किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
वहीं आयोजन के दौरान सभी को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। दो गज की दूरी का पालन भी करना होगा। भोजन करते समय प्रयोग होने वाली मेजों के बीच दो मीटर की दूरी होनी चाहिए। एडीएम सिटी ने कहा कि मैरिज हाल एवं होटल को प्रतिदिन का वीडियो रिकार्डिंग सुरक्षित रखना होगा। यह काम संचालकों को करना होगा।
रिकार्डिंग सुरक्षित न रखने पर यदि कोई घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। मैरिज हाल में प्रवेश करने से पहले थर्मल स्कैनिंग अनिवार्य है। इसमें जिसका तापमान अधिक पाया जाएगा, उसका प्रवेश वर्जित रहेगा। लक्षण वाले लोग मैरिज हाल में प्रवेश न पाएं, इसकी जिम्मेदारी संचालकों एवं बरात के मालिक की होगी। जिसे कोरोना से जुड़े लक्षण होंगे, उसे निगेटिव की रिपोर्ट दिखाने पर ही प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मास्क रखने वाला बाक्स सैनीटाइज होना चाहिए। दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी।