गोरखपुर शहर की मलिन बस्तियों में रहने वाले किशोर-किशोरियों के लिए अभियान चला कर उन्हें कोविड-19, किशोर स्वास्थ्य और परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्वयंसेवी संस्था पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल-द चैलेंज इनीशिएटिव ऑफ हेल्दी सिटी (पीएसआई-टीसीआईएचसी) के सहयोग से राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत अब तक 20 मलिन बस्तियों में यह आयोजन किए जा चुके हैं।
मिशन की मंडलीय अर्बन हेल्थ कंसल्टेंट डॉ. प्रीती सिंह ने जाफरा बाजार के रमदत्तपुर में हुए आयोजन में मंगलवार को प्रतिभाग किया। उन्होंने किशोर-किशोरियों को स्वच्छता और व्यक्तिगत सफाई का महत्व बताया। आयोजन के दौरान खेल-खेल में कार्ड के जरिए स्वच्छता की जानकारी दी। किशोर-किशोरियों को खेलों के जरिए ही कोविड-19, किशोर स्वास्थ्य और परिवार नियोजन कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया गया।
डॉ. प्रीती सिंह ने बताया कि गोरखपुर शहर में अब तक 190 किशोरियों और 54 किशोरों को छोटी-छोटी टोलियों में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जागरूक किया गया है। प्रतिदिन इस प्रकार की तीन गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। किशोर-किशोरियों को उनके शरीर के हार्मोनल बदलाव, परिवार नियोजन के साधनों से संबंधित उनके अधिकारों, सेक्सुअल एजुकेशन, गोपनीय परामर्श के बारे में भी बताया जाता है। इस अवसर पर एकीकृत बाल विकास विभाग की मुख्य सेविका सुनीता शुक्ला, संस्था के प्रोग्राम मैनेजर केवल सिंह सिसौदिया, स्वयंसेवक पवन कुमार पांडेय और तूलिका द्विवेद्वी प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
किशोर स्वास्थ्य पर जोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि एक स्वस्थ किशोर और किशोरी कल के बेहतर समाज का निर्माता है। किशोर सेहत से जुड़े कार्यक्रमों के तहत निःशुल्क सैनेटरी पैड, आयरन-कैल्शियम की गोलियां, परिवार नियोजन के अस्थायी साधन आदि स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करवाता है। यह सुविधा सभी नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। शहरी क्षेत्र में पीएसआई-टीसीआईएचसी संस्था इस कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग दे रही है।