गोरखपुर में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ी तो जरूर है, लेकिन राहत की बात यह है कि अस्पतालों में बेड खाली हैं। गंभीर मरीज न के बराबर हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 500 बेड के कोविड अस्पताल में पांच मरीज और एयरफोर्स के केवल नौ कर्मी अस्पतालों में भर्ती हैं। जबकि, मौजूदा समय में जिले में संक्रमण की दर 4.8 प्रतिशत है। वहीं, दूसरी लहर में तीन हजार केस जब मिले थे तो संक्रमण की दर 3.4 फीसदी थी। लेकिन, उस वक्त डेढ़ हजार से अधिक मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा था।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि इस बार संक्रमण की दर दूसरी लहर की तुलना में एक से डेढ़ फीसदी अधिक है, लेकिन मरीजों को खतरा बेहद कम है। अब तक, जो भी मरीज मिले हैं, उनमें संक्रमण ज्यादा देखने को नहीं मिला है। इसकी वजह वैक्सीन है। वैक्सीन की वजह से लोगों के अंदर इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बेहतर देखने को मिल रही है। इसकी वजह से लोगों के शरीर पर वायरस का असर ज्यादा नहीं पड़ रहा है।