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अच्छी बात: गोरखपुर में संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार, लेकिन गंभीर मरीज न के बराबर

Fri, 21 Jan 2022 01:09 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

मौजूदा समय में संक्रमण की दर 4.8 फीसदी। दूसरी लहर में तीन हजार मरीज मिलने पर, डेढ़ हजार से अधिक को भर्ती करने की पड़ गई थी जरूरत।
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कोरोना वायरस। - फोटो : PTI
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विस्तार
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गोरखपुर में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ी तो जरूर है, लेकिन राहत की बात यह है कि अस्पतालों में बेड खाली हैं। गंभीर मरीज न के बराबर हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 500 बेड के कोविड अस्पताल में पांच मरीज और एयरफोर्स के केवल नौ कर्मी अस्पतालों में भर्ती हैं। जबकि, मौजूदा समय में जिले में संक्रमण की दर 4.8 प्रतिशत है। वहीं, दूसरी लहर में तीन हजार केस जब मिले थे तो संक्रमण की दर 3.4 फीसदी थी। लेकिन, उस वक्त डेढ़ हजार से अधिक मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा था।

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जानकारी के मुताबिक, दूसरी लहर की तुलना में संक्रमण की रफ्तार अभी 1.4 फीसदी अधिक है। दूसरी लहर में संक्रमण, अधिकतम 22 फीसदी  पहुंच गया था। इसकी वजह से स्थिति ऐसी हो गई थी कि लोगों को बेड तक नहीं मिल रहे थे। ऑक्सीजन तक की किल्लत थी। शुरुआती दौर में ही स्थिति ज्यादा खराब हो गई थी। तीन हजार केस जाते-जाते, डेढ़ हजार से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हो गए थे। लेकिन, इस बार ऐसा बिल्कुल नहीं है।

संक्रमण दर 4.8 फीसदी होने के बाद भी केवल 14 मरीज भर्ती हैं। इनमें किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। इसके अलावा तीन हजार मरीज जब दूसरी लहर में भर्ती थे, तो करीब 100 से अधिक मरीज की मौत हो चुकी थी। इस बार दो मरीजों की मौत अब तक हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसी तरह से हालात रहे तो फरवरी खत्म होते-होते संक्रमण की दर कम हो सकती है।

वैक्सीन का असर ज्यादा, लोगों को खतरा कम

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि इस बार संक्रमण की दर दूसरी लहर की तुलना में एक से डेढ़ फीसदी अधिक है, लेकिन मरीजों को खतरा बेहद कम है। अब तक, जो भी मरीज मिले हैं, उनमें संक्रमण ज्यादा देखने को नहीं मिला है। इसकी वजह वैक्सीन है। वैक्सीन की वजह से लोगों के अंदर इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बेहतर देखने को मिल रही है। इसकी वजह से लोगों के शरीर पर वायरस का असर ज्यादा नहीं पड़ रहा है।

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