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सेंट एंड्रयूज कॉलेज में भर्ती की जांच करेगी स्वतंत्र एजेंसी

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सेंट एंड्रयूज कॉलेज में भर्ती की जांच करेगी स्वतंत्र एजेंसी
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गोरखपुर। सेंट एंड्रयूज कॉलेज में विभिन्न विषयों में 39 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर शुरू की गई नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता की जांच गोरखपुर विश्वविद्यालय किसी बाहरी स्वतंत्र एजेंसी से कराएगा। विश्वविद्यालय की आंतरिक कमेटी की जांच में नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। इसके बाद कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं।
सेंट एंड्रयूज कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया इस वर्ष शुरू की गई थी। 10 सितंबर 2020 को साक्षात्कार शुरू किया गया। इसी बीच एग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया के चेयरमैन व विशफ ऑफ लखनऊ सैमुअल पीटर प्रकाश ने आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि निदेशालय की अनुमति के बिना ही भर्ती की जा रही है। जिन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है उन पदों पर निदेशालय की अनुमति की अवधि बीत चुकी है। नियमानुसार नए सिरे से अनुमति अनिवार्य है। इसका संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी डॉ. अश्विनी मिश्रा ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक के लिए विश्वविद्यालय के कुल सचिव को पत्र लिखा। इस पर कुल सचिव ने भर्ती प्रक्रिया को तत्काल रोकने का आदेश जारी किया। लेकिन 17 सितंबर तक सेंट एंड्रयूज कॉलेज प्रशासन की ओर से 31 पदों पर साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी करा ली गई। आठ पदों पर अभी साक्षात्कार नहीं हो पाया है।
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मामले की जांच से मची खलबली
लॉकडाउन में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कराई गई। सितंबर में साक्षात्कार शुरू हुए तो कई तरह के आरोप लगने लगे। अब जबकि नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगी है और विश्वविद्यालय ने स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने का निर्णय लिया है तो कॉलेज प्रशासन ही नहीं अभ्यर्थियों में भी खलबली मच गई है। अभ्यर्थियों को इस बात का डर है कि कहीं नियुक्ति फंस न जाए।
सेंट एंड्रयूज कॉलेज में शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की जांच विश्वविद्यालय की आंतरिक कमेटी बनाकर कराई गई। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात कही गई है। विश्वविद्यालय ने स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने का निर्णय लिया है। इससे सारी वस्तुस्थिति सामने आ जाएगी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रो. राजेश सिंह, कुलपति गोरखपुर विश्वविद्यालय
इन विषयों में नियुक्ति का निकला था आवेदन
जीव विज्ञान में तीन, वनस्पति विज्ञान में पांच, रसायन विज्ञान में पांच, भौतिकी में चार, गणित में दो, राजनीति विज्ञान में तीन, उर्दू में एक, हिंदी में दो, भूगोल में दो, शारीरिक शिक्षा में एक, सामाजिक शास्त्र में दो, इतिहास में एक, विधि विभाग में चार, भूगोल में एक, संस्कृत में एक, दर्शनशास्त्र में एक और मनोविज्ञान में एक पद।
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इन विषयों के साक्षात्कार बाकी
विधि, दर्शन शास्त्र, उर्दू, संस्कृत, शारीरिक शिक्षा और मनोविज्ञान।
विश्वविद्यालय द्वारा स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की जानकारी मुझे नहीं है। मामला पहले से ही उच्च न्यायालय में है। अदालत का जो निर्णय होगा, उसका पालन किया जाएगा।
- डॉ. जेके लाल, प्राचार्य सेंट एंड्रयूज कॉलेज गोरखपुर
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