गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन परिसर में संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (गुआक्टा) का आमरण अनशन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षकों ने प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर ताला लगाने के साथ ही कुलपति का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका।
संघ ने कुलपति पर आरोप लगाते हुए कहा कि आमरण अनशन के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद विश्वविद्यालय का कोई जिम्मेदार अधिकारी शिक्षकों की समस्याएं सुनने नहीं पहुंचा। संघ के महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी आमरण अनशन कर रहे हैं। लगातार अनशन करने के चलते मंगलवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई। इससे मौके पर मौजूद शिक्षक आक्रोशित हो उठे। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि अनशनकारी महामंत्री के स्वास्थ्य को कोई गंभीर नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
अनशन स्थल पर गुआक्टा के पूर्व पदाधिकारी प्रो. श्रीशमणि त्रिपाठी, प्रो. श्रीभगवान सिंह, प्रो. एसएन शर्मा, प्रो. केडी तिवारी, प्रो. धीरेंद्र सिंह, प्रो. विभ्राट चंद कौशिक और प्रो. अजय कुमार मिश्रा ने संबोधित किया। संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल वार्ता कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है।