बारिश के दौरान शहर के विभिन्न निचले इलाकों में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नगर निगम ने रेग्युलेटरों पर लगे पंपिंग स्टेशन की क्षमता में बढ़ोतरी कर दी है। साथ ही जिन इलाकों में लगे पंपों के पानी में डूबने की आशंका रहती है, उनके प्लिंथ को ऊंचा कर दिया गया है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह के निर्देश पर चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने कटनिया और भेड़ियागढ़ रेग्युलेटरों का निरीक्षण किया। कटनिया रेग्युलेटर पर 83 एचपी डीजल का एक, 19 एचपी डीजल के दो और 50 एचपी इलेक्ट्रिक के दो पंप लगे हुए हैं। कुल क्षमता 259 एचपी थी। अब इस पर 15-15 एचपी के दो इलेक्ट्रिक मड पंप स्थापित किए गए। इस प्रकार अब इस पंपिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ाकर 289 एच पी हो गई है।
रसूलपुर भट्ठा पर 83 एचपी डीजल एक तथा 50 एचपी का एक इलेक्ट्रिक पंप स्थापित है। कुल क्षमता 133 एचपी है। इस पंपिंग स्टेशन का प्लिंथ नीचा था, जिससे अत्यधिक वर्षा होने पर उसमें पानी चला जाता था जिससे पंप बंद करने पड़ते थे। इसके बाद इसके प्लिंथ को दो फीट उठा दिया गया है। चीफ इंजीनियर ने कहा कि पंपों को लगाकर चलाए जाने में कोई समस्या नहीं होगी।
भेड़ियागढ़ पंपिंग स्टेशन पर पूर्व से 19 एचपी डीजल एक व 10 एचपी इलेक्ट्रिक दो पंप स्थापित थे। अब एक 15 एचपी इलेक्ट्रिक पंप का एक और पंप स्थापित कर दिया गया। इससे पहले जो कुल क्षमता 39 एचपी थी जो अब बढ़कर 54 एचपी हो गई है।