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गोरखपुर में आयकर छापा: मथुरा-राजकोट से कच्ची रसीद पर मंगाई चांदी, इन शहरों के व्यापारी भी रडार पर

Sat, 21 Oct 2023 10:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

हरवंश राम गली स्थित हनी ज्वेलर्स के खिलाफ शुरू हुई आयकर की छापेमारी चौथे दिन खत्म हो गई। शाम सात बजे टीम लौट गई। इसके पहले लखनऊ से आए वैल्यूवर फर्म पर मिले सोने-चांदी का मूल्यांकन कर बुधवार शाम लखनऊ लौट गए थे।
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गोरखपुर में आयकर छापे का खौफ - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हनी ज्वेलर्स पर छापे के दौरान आयकर विभाग को चांदी की खरीद-बिक्री में आगरा, मथुरा और राजकोट कनेक्शन के रिकॉर्ड मिले हैं। सूत्रों की मानें तो इन तीनों शहरों के कुछ बड़े व्यापारियों के नाम सामने आए हैं, जिनसे कच्ची रसीद पर भारी मात्रा में चांदी की खरीद की गई। अब ये व्यापारी भी जांच के रडार पर हैं।

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यह भी पता चला है कि उधार देकर भी तीनों शहरों के इन व्यापारियों ने चांदी की खेप हनी ज्वेलर्स को भेजी थी। आयकर सूत्रों ने बताया कि जांच में एक अप्रैल से अभी तक की खरीद-बिक्री का रिकाॅर्ड कंप्यूटर और लैपटॉप में मिल गया है।

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) सूत्रों के मुताबिक, आगरा में चांदी की पायल बनाने का उद्योग काफी पुराना है। पहले गुजरात के राजकोट में सबसे बड़ी मंडी होती थी, लेकिन अब उसकी जगह आगरा ने ले ली है।आगरा के अलावा मथुरा से भी देशभर में चांदी की सप्लाई की जाती है।
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राजकोट में पायल की जोड़ी कम से कम 30 ग्राम चांदी से तैयार होती है, आगरा में यही 15 ग्राम चांदी में तैयार हो जाती है। हनी ज्वेलर्स के अलावा गोरखपुर शहर के और भी सराफा कारोबारी आगरा, मथुरा और राजकोट से चांंदी की खरीद-बिक्री करते हैं।

इसमें कुछ खरीद फर्म के नाम पर करते हैं तो उसके सैकड़ों गुनी चांदी की खरीद कच्ची रसीद से होती है। सूत्रों के मुताबिक, हनी ज्वेलर्स के अलावा हिंदी बाजार के कई और धंधेबाज भी आगरा, मथुरा और राजकोट के चांदी व्यापारियों के संपर्क में रहते हैं। यहां से अवैध माल भी मंगाते हैं।

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आगरा मंडी के प्रतिष्ठानों पांच से छह कर्मचारी हिंदी बाजार से लेकर अलीनगर, गोलघर और दूसरे बाजारों में तैनात हैं। वहां से माल आते ही ये कर्मचारी नकद भुगतान ले लेते हैं। इसके अलावा दो से तीन कर्मचारी मथुरा और राजकोट के भी बाजार में ही घूमते हैं।

बीआईएस सूत्रों ने बताया कि आगरा में चांदी के नाम पर जर्मन सिल्वर बेचे जाने का धंधा भी जोरों पर हैं। सूत्रों ने बताया कि शुद्ध चांदी के बार पर शुद्धता 99.99 लिखा होता है, लेकिन जर्मन सिल्वर में चांदी के साथ तांबा, जस्ता, रांगा और एल्युमीनियम धातू मिला होता है। इसलिए डिमांड ज्यादा होती है।

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चौथे दिन आयकर टीम लौटी, दस्तावेज साथ ले गई

हरवंश राम गली स्थित हनी ज्वेलर्स के खिलाफ शुरू हुई आयकर की छापेमारी चौथे दिन खत्म हो गई। शाम सात बजे टीम लौट गई। इसके पहले लखनऊ से आए वैल्यूवर फर्म पर मिले सोने-चांदी का मूल्यांकन कर बुधवार शाम लखनऊ लौट गए थे। बुधवार के बाद से टीम ने चांदी की खरीद-बिक्री व कच्चे पर्चे पर हुए कारोबार को लेकर मैनेजर से दिनभर पूछताछ की। टीम मथुरा के अलावा और कहां से चांदी की खरीद की गई है, के बारे में जानकारी हासिल करने में जुटी रही। रात लगभग आठ बजे टीम बिल-बुक्स व अन्य रिकार्ड कब्जे में लेकर यहां से रवाना हो गई।
 
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