उद्घाटन कार्यक्रम में भव्य शोभा यात्रा निकलेगी लेकिन इस बार कोविड-19 संकट को देखते हुए विद्यार्थियों की संख्या सीमित रहेगी। इस बार कक्षा आठ तक के विद्यार्थी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। संचालन समिति के सदस्य डॉ. नीरज सिंह ने बताया कि हर वर्ष इस समारोह में करीब 12 हजार विद्यार्थी और 2500 शिक्षक व कर्मचारी शामिल होते थे लेकिन इस बार केवल 2500 विद्यार्थी और 1000 शिक्षक ही इसमें मौजूद रहेंगे।
इस रूट से गुजरेगी शोभा यात्रा
शोभा यात्रा दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के मुख्य द्वार से शुरू होकर गणेश चौराहा पहुंचेगी। यहां से कचहरी चैराहा होते हुए जिला परिषद रोड पर मौजूद स्वर्ण जयंती द्वार से महाराणा इंटर कॉलेज में प्रवेश करेगी। समिति के सदस्य और दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि शोभायात्रा में अनुशासन कायम रखने के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक लगाए गए हैं।
कुछ ऐसा होगा शोभा यात्रा का स्वरूप
शोभा यात्रा में मुख्य ध्वज लेकर महाराणा प्रताप बालिका विद्यालय और महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक के एनसीसी विद्यार्थी चलेंगे। ज्ञान ज्योति लेकर गुरु श्री गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यालय और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ के विद्यार्थी चलेंगे। मां सरस्वती का चित्र लेकर गुरु श्री गोरक्षनाथ नर्सिंग विद्यालय की छात्राएं चलेंगी तो भारत माता का चित्र दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों के हाथ में होगा।
इस तरह महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज रामदत्तपुर के विद्यार्थियों के हाथ में बाबा गोरखनाथ का चित्र, महाराणा प्रताप का चित्र महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं के हाथ में, महंत दिग्विजयनाथ का चित्र महाराणा प्रताप कृषक इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों के हाथ में और महंत अवेद्यनाथ का चित्र महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के छात्रों के हाथ में रहेगा।