इस तरह बांट दिया गया समय
पहले बैंक में बंधक अचल संपत्ति पर लोन स्वीकृत करने के मामले में तहसील कार्यालय और रजिस्ट्री विभाग में पत्र भेजा जाता था, लेकिन अब भू-लेख पोर्टल के माध्यम से भूमि बंधक बनाने का कार्य हो रहा है। इससे फर्जीवाड़ा पर अंकुश लगने की संभावना है, लेकिन इसका लोड बढ़ने के कारण पोर्टल का समय बांट दिया गया है।
दोपहर एक बजे से खतौनी निकालने, दोपहर एक बजे के बाद रियल टाइम खतौनी बनाने एवं शाम पांच से सात बजे तक बैंक संबंधी कार्य किए जा रहे हैं।
अटकी है इतने गांवों की खतौनी
| तहसील |
रियल टाइम खतौनी वाले राजस्व गांव |
अवशेष गांव |
| सदर |
511 |
112 |
| कैंपियरगंज |
212 |
0 |
| खजनी |
648 |
42 |
| गोला |
657 |
94 |
| चौरीचौरा |
193 |
10 |
| बांसगांव |
541 |
4 |
| सहजनवा |
341 |
12 |
अधिवक्ता की राय
अधिवक्ता रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि भू-लेख काउंटर पर सर्वर डाउन होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जमानत, किसान सम्मान निधि, बैंक व रजिस्ट्री के कार्यों में प्रमाणित खतौनी की आवश्यकता पड़ रही है। तमाम लोग दिन भर लाइन में लगते हैं और काउंटर बंद होने तक खतौनी नहीं मिल पाती है।
तहसीलदार विकास सिंह ने बताया कि यूपी भू-लेख पोर्टल में दिक्कत आ रही है। सर्वर स्लो होने के मामले में पत्राचार किया गया है। खतौनी निकालने के साथ रियल टाइम खतौनी बनाने के लिए सक्रियता से कार्य किए जा रहे हैं।