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Gorakhpur News: लोन एप से युवती ने लिया कर्ज, मोबाइल पर आ गया एडिट अश्लील वीडियो- अब धमकी दे कर रहा डिमांड

Thu, 04 Apr 2024 11:03 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
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अश्लील वीडियो - फोटो : अमर उजाला
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ऑनलाइन एप से बिना दस्तावेज पर छोटा कर्ज लेने के चक्कर में फिर एक युवती फंस गई। पांच हजार रुपये का कर्ज लेने वाली युवती को फोन पर अब वीडियो व फोटो को एडिट कर अश्लील बनाकर वायरल करने की धमकी दी जा रही है।
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घबराई युवती ने एम्स थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं और लोन देने वाले सभी बाहर के ही होते हैं, जहां तक पुलिस पहुंच नहीं पाती है।

जानकारी के मुताबिक, एम्स इलाके के कुनराघाट की रहने वाली युवती ने सोशल मीडिया पर एक लोन एप को देखा। उसका कहना है कि एप से उसने पांच हजार रुपये का लोन भी ले लिया। स्मार्ट कैश एप लोन से पांच हजार रुपये आने के बाद ही तीन अप्रैल को जमा करने की तारीख थी, लेकिन उसी दिन फिर एक फोन आया।
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फोन करने वाले ने कहा कि अगर 10 हजार रुपये नहीं जमा किए गए तो फिर फोटो व वीडियो अश्लील बनाकर उसे वायरल कर दिया गया। युवती को बदनाम करने की धमकी दी गई तो वह घबरा गई। पहले तो उसने आए
नंबर को उठाना बंद कर दिया तो फिर दूसरे नंबर से फोन आने लगा। इसके बाद परेशान युवती थाने पहुंच गई। एम्स थाने में युवती की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।
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यह अलर्ट गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र द्वारा जारी किया गया है। - फोटो : iStock
ऐसे होती है इंस्टेंट एप लोन से प्रक्रिया
गूगल प्ले स्टोर पर तमाम एप मौजूद हैं। एप को डाउनलोड करने के बाद लोन आसानी से मुहैया कराने का दावा किया जाता है। ऑनलाइन लोन देने वाले एप की कोई रेग्युलेटरी अथॉरिटी नहीं है। इसलिए ज्यादातर एप में 10 से 40 प्रतिशत तक की ब्याज दर पर मासिक और वार्षिक लोन देने के दावे हो रहे हैं। यहां पर लोन लेने के लिए आपको पूरा ब्योरा भरना होता है। जिसका फायदा जालसाज उठा रहे हैं।

इस तरह के एप हैं मौजूद
कैश आय, गोल्ड बाउल, कैश वी, लिक्विड कैश, रुपये फैक्ट्री, क्रेडिट कैश, कैश लोन, रैपिड रुपी, उधार, तकाकैश, ईजी लोन, इंडिया लैंड्स, पेमनी, स्मार्ट क्विक कैश, लाइट लोन सहित सैकड़ों एप मौजूद हैं।

बैंक के बाहर भी चस्पा किए गए हैं जागरूकता के संदेश
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी इंस्टेंट एप को लेकर अलर्ट जारी किया है। बैंक की तरफ से जारी सूचना में बताया गया है कि किसी भी तरह के अंजाने लिंक को क्लिक न करें। साथ ही तुरंत लोन देने वाले फर्जी एप से बचने की जरूरत है। बैंक से जुड़े लोगों का कहना है कि ग्राहकों के पास ऐसे मैसेज भेजे जा रहे हैं कि पांच मिनट में दो लाख रुपये का लोन पाएं। इस चक्कर में लोग इसके जाल में फंस जाते हैं।

यह बरतें सावधानियां
लोन लेने से पहले ऑफर, उसकी शर्तें और नियम की जानकारी ले लें।
किसी भी सस्पेक्टेड लिंक को क्लिक करने से बचें। उसे डाउनलोड करने से परहेज करें।

एप के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) के तहत रजिस्ट्रेशन को चेक करें।
एनबीएफसी और अन्य तरह की कंपनियों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। कंपनी के एप में लोकेशन और अन्य तरह की जानकारी मांगने पर रिजेक्ट कर दें।

यह है एप के जरिए लोन की प्रक्रिया
इंस्टेंट लोन लेने वाले सबसे पहले अपनी सभी जानकारियां फार्म में भरते हैं।
अपने मोबाइल नंबर के साथ-साथ फैमिली मेंबर्स का मोबाइल नंबर भी देना होता है।

एप डाउनलोड करने पर तीन महीने का बैंक स्टेटमेंट, पैन कार्ड और आधार कार्ड की कॉपी देनी होती है।
कुछ मिनट में प्रोसेस पूरी होने पर एक हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की रकम बैंक एकाउंट में ट्रांसफर होती है।

लोन अप्रुवल और प्रोसेसिंग फीस भी जमा कराई जाती है। लोन लेने पर जीएसटी भी मांगते हैं। इंस्टेंट लोन एप के एजेंट फोन कॉल से संपर्क में रहते हैं।


 
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