गोरखपुर जिले में स्थापित लक्ष्मी-गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार की देर शाम से शुरू हो गया। नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारी पूरे दिन विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब तैयार करने में जुटे रहे। शाम चार बजे के करीब विसर्जन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सका।
जिले में कुल 1878 प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। बृहस्पतिवार की रात तक सभी का विसर्जन हो जाने की उम्मीद है। राप्ती नदी के तट पर एकला में तीन बड़े तालाब निर्मित किए गए हैं। इसी तरह राप्ती नदी तट पर डोमिनगढ़ एवं रोहिन नदी के तट महेसरा पुल के निकट एक-एक तालाब को विर्सजन के लिए तैयार किया गया था।
डोमिनगढ़ एवं महेसरा पुल के पास सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद भी यहां ज्यादा दिक्कत नहीं है लेकिन एकला बंधे के पास निर्मित किए गए कृत्रिम तालाब तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को काफी मुश्किल उठानी पड़ेगी, क्योंकि यहां मार्ग में ही नदी की बाढ़ का पानी भरा है।
नगर निगम के अपर नगर अधिकारी दुर्गेश मिश्र एवं संजय शुक्ला की निगरानी में पम्प लगा कर मार्ग से पानी निकाला जा रहा है। इसके अलावा हाइड्रा, जेसीबी की मदद भी ली जा रही है। अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता विवेकानंद सिंह, नर्वदेश्वर पाण्डेय ने बताया कि बैरिकेडिंग का इंतजाम किया जा चुका है। सभी पोल पर जरूरी पथ प्रकाश एवं जनरेटर का भी इंतजाम है।
मेयर, नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण
मेयर सीताराम जायसवाल एवं नगर आयुक्त अविनाश कुमार सिंह ने बुधवार को अलग अलग कृत्रिम तालाब का निरीक्षण कर वहां प्रतिमाओं के विर्सजन की तैयारियों का जाएजा लिया। मेयर एवं उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा ने नगर निगम के अधिकारियों को साफ- सफाई कराने के साथ मार्ग को ठीक करने का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा।