हीमोफीलिया से पीड़ित बोर्ड परीक्षार्थियों को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) फैक्टर उपलब्ध कराएगा। रक्तस्राव होने पर छात्र अपने क्षेत्र के नजदीकी सरकार अस्पताल में फैक्टर चढ़वा सकेंगे। इसके लिए आईएमए, सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों को ट्रेनिंग भी देगा। इस पर सीएमओ ने सहमति जताई है।
जानकारी के मुताबिक, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की जिला इकाई हीमोफीलिया मरीजों को फैक्टर उपलब्ध कराती है। इस काम में हीमोफीलिया सोसाइटी की जिला इकाई मदद करती है। सोसाइटी से गोरखपुर और बस्ती मंडल के अलावा बिहार से करीब 250 से अधिक मरीज पंजीकृत हैं। इनमें से 20 मरीजों की इस साल बोर्ड परीक्षा है।
इन मरीजों को अब फैक्टर मुहैया उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें 10वीं के 10 छात्र और 12वीं के भी 10 छात्र शामिल हैं। ये छात्र जिले के पिपराइच, पीपीगंज, कैंपियरगंज, नौतनवा, हाटा, देवरिया, बलिया, संतकबीर नगर, कप्तानगंज और बिहार के रहने वाले हैं। इन छात्रों को फैक्टर आठ और नौ दिया गया है। हीमोफीलिया सोसाइटी की सचिव अंजू वर्मा की पहल पर यह सुविधा शुरू की गई है।
सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों को दी जाएगी ट्रेनिंग
आईएमए अध्यक्ष डॉ. शिवशंकर शाही और डॉ. एससी कौशिक ने हीमोफीलिया के मामले को सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे के सामने रखा था। इस पर सीएमओ ने आश्वासन दिया कि फैक्टर चढ़ाने में सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और कर्मी मदद करेंगे। इसके लिए डॉक्टरों को सिर्फ रिफ्रेशर ट्रेनिंग देनी होगी। इस सुविधा के बाद से मरीज अपनी नजदीकी सरकार अस्पताल में फैक्टर चढ़वा सकेंगे। इसके लिए उन्हें निजी अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।