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आईबी रिपोर्ट: गोरखनाथ मंदिर में कारतूस संग पकड़े गए युवकों के तस्कर होने का शक, भेजे गए जेल

Sat, 07 Oct 2023 11:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

झारखंड पुलिस ने फौरी तौर पर तो केस न होने की जानकारी दी है, लेकिन अब दोनों आरोपी कहां-कहां पर रहे हैं और उनका वहां पर क्या रिकॉर्ड है, इसे खंगाला जा रहा है। उधर, पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया है।
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गोरखनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखनाथ मंदिर गेट पर बुधवार को पकड़े गए झारखंड के दो युवकों के असलहा तस्कर होने की आशंका जताई गई है। आईबी (इंटीलिजेंस ब्यूरो) ने भी आरोपियों से पूछताछ की और फिर उनकी गतिविधियों को संदिग्ध बता दिया है। पुलिस भी झारखंड पुलिस की मदद से मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।
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खबर है कि झारखंड पुलिस ने फौरी तौर पर तो केस न होने की जानकारी दी है, लेकिन अब दोनों आरोपी कहां-कहां पर रहे हैं और उनका वहां पर क्या रिकॉर्ड है, इसे खंगाला जा रहा है। उधर, पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया है।

जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ मंदिर गेट पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने झारखंड के गढ़वा नगर थाना क्षेत्र के मदया गांव निवासी अविनाश पासवान और सौरभ पासवान को गिरफ्तार किया था। गोरखनाथ थाने में दरोगा विवेक सिंह की तहरीर पर पुलिस ने दोनों पर आर्म्स एक्ट का केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
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अब पुलिस ने जो केस दर्ज किया है, उससे साफ है कि आरोपियों के झोले में नहीं, बल्कि जेब में कारतूस मिला था। अब जेब में कारतूस बिना जानकारी के आ जाए, यह संभव नहीं है। यही वजह है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आईबी टीम ने भी आरोपियों से पूछताछ की है।

उनके नाम, पते और पूछताछ के आधार पर अपने मुखबिरों को खंगाला है, जिसके बाद आईबी ने असलहा तस्कर होने की आशंका जाहिर कर दी है। अब मंदिर के पास कारतूस लेकर क्यों गए? इसे समझने के लिए जांच एजेंसियों ने गहनता से जांच शुरू कर दी है।

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आरोपी ने बोला था.. लाइसेंस का नवीनीकरण कराने आए थे

पुलिस की पूछताछ में आरोपी सौरभ ने बताया था कि कुसम्ही इलाके के एक प्रसिद्ध मंदिर के पुजारी के माध्यम से वह गाड़ी चलाता था। पुजारी की ससुराल झारखंड में ही है। इस वजह से यहीं पर कई साल तक रहा है। सौरभ का लाइसेंस भी गोरखपुर से ही बना है, जिसका नवीनीकरण कराने के लिए अपने दोस्त अविनाश के साथ गोरखपुर आया था।

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पुजारी से मुलाकात करने के बाद दोनों गोरखनाथ मंदिर घूमने के लिए गए थे। इसी दौरान गोरखनाथ मंदिर गेट पर पुलिस ने चेकिंग की तो पकड़े गए। लेकिन जेब में कारतूस की जानकारी न होने की बात पुलिस और जांच एजेंसी को हजम नहीं हो है, इस वजह से मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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कुछ तो है...बार-बार मिल रहा तमंचा और कारतूस

गोरखनाथ मंदिर में बार-बार तमंचा और कारतूस मिलने पर भी सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि कुछ तो है...। वरना पकड़े जाने पर एक जवाब सभी नहीं देते कि कारतूस मेरा नहीं है, मुझे कोई जानकारी नहीं।

जुलाई में 10 दिन के अंतराल पर दो बार लोग पकड़े गए। बिहार का व्यापारी सुबोध के बैग से 15 जुलाई को पुलिस टीम ने तमंचा बरामद किया था। इसके बाद फिर 25 जुलाई को श्रावस्ती के भाजपा नेता के भाई प्रसिद्ध की कार के डैशबोर्ड से कारतूस मिला। उसे भी जेल भेजा गया। यही वजह है कि पुलिस इसे गंभीरता से लेकर जांच कर रही है।
 
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30 जनवरी 2023 को मुर्तुजा ने किया था हमला
30 जनवरी 2023 को गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसी जवान अनिल कुमार पासवान और अन्य लोगों पर मुर्तुजा ने बांके से हमला कर सनसनी फैला दी थी। बाद में जांच में पाया गया कि गोरखपुर के डॉक्टर परिवार से ताल्लुक रखने वाला मुर्तुजा बड़ी घटना की फिराक में था और वह आईएसआई से प्रभावित था। जांच के आधार पर उसे आतंकी साबित करते हुए फांसी की सजा सुनाई गई है। फिलहाल वह जेल में बंद है।
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