गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज इलाके के सोनौरा बुजुर्ग गांव में जमीन के विवाद में वर्ष 2005 में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने अभियुक्त चंद्रदेव मिश्रा और उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दो साल का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी का कहना था कि जनार्दन मिश्रा ने केस दर्ज कराया था। उनका अपने सगे भाई चंद्रदेव मिश्रा से जमीन-जायदाद का मुकदमा चलता है। 5 जनवरी 2005 को दिन में एक बजे जनार्दन के लड़के विजय कुमार मिश्रा और चंद्रदेव मिश्रा के बीच विवाद हो गया था।
उसी दिन शाम सात बजे जब विजय, शौच के लिए सोनौरा खुर्द के तालाब के पश्चिम गया तो अभियुक्त चंद्रदेव मिश्रा और उसकी पत्नी विजयलक्ष्मी ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी।