छोटे दुकानदारों को इस्तेमाल खाद्य तेल नहीं बेच सकेंगे होटल, रेस्टोरेंट
गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को प्रयोग किया हुआ तेल छोटे दुकानदारों को बेचने से रोकेगा। प्रशासन इसके लिए सोमवार को शहर के बड़े होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के साथ बैठक करेगा। इसमें जिला अभिहित अधिकारी सभी संचालकों को इस्तेमाल किए हुए खाद्य तेल के संबंध में शासन की ओर से जारी की गई गाइडलाइन की जानकारी देंगे।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के प्रमुख सचिव ने जले हुए खाद्य तेल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताते हुए इसके प्रयोग पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया था। जले हुए खाद्य तेल में ट्रांस फैट होता है, जिससे दिल की बीमारियों के साथ कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। केंद्र सरकार की ओर से इसके इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार भी इसका प्रयोग रोकने के लिए अभियान चलाने जा रही है।
अधिकतम तीन बार ही गरम किया जा सकता है तेल
खाद्य तेल को अधिकतम तीन बार ही गरम किया जा सकता है। इसके बाद यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाता है। शासन ने ऐसे तेल का प्रयोग रोकने के लिए इसे खरीदकर इससे बायोडीजल बनाने में प्रयोग करने का निर्णय लिया है। इसकी जिम्मेदारी एक फर्म को दी गई है। यह फर्म जले हुए तेल को डोर टू डोर एकत्र करेगी। पहले चरण में हर महीने 400 लीटर तेल एकत्र हो सकेगा। कोई भी व्यापारी इसका इस्तेमाल नहीं कर सकेगा और इसे पंजीकृत फर्म को ही बेचना होगा।
इस्तेमाल किए हुए, जले हुए तेल का दोबारा प्रयोग न हो इसके लिए होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को जागरूक किया जाएगा। सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में संचालित होटल एवं रेस्टोरेंट के संचालकों को बैठक में जरूर बुलाएं।
- कुमार गुंजन, अभिहित अधिकारी