यशोदा हॉस्पिटल समूह सहित कई संस्थानों ने देखा भूखंड
अब कई बड़े समूहों ने मेडिसिटी में अस्पताल खोलने की योजना बनाई है। यशोदा हॉस्पिटल समूह ने भूखंड भी देख लिया है। इस समूह की दो एकड़ में 200 करोड़ निवेश कर कैंसर अस्पताल बनाने की योजना है। इसके अलावा कई अन्य बड़े संस्थान भी मन बना रहे हैं।
खोराबार मेडिसिटी में आवासीय क्लीनिक लेन के लिए 51 भूखंड, छोटे व मध्यम आकार के हॉस्पिटल के लिए 47 भूखंड हैं। जबकि, बड़े हॉस्पिटल के लिए 7 भूखंड, डायग्नोस्टिक लैब के लिए 12, स्कूल कम्युनिटी सेंटर के लिए 6 भूखंड भी जीडीए ने आरक्षित कर रखा है। इसके अलावा राप्तीनगर विस्तार एवं स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में भी मेडिसिटी के लिए अलग से भूखंड चिन्हित किया गया है। जिसके लिए 22 फरवरी तक आवेदन करने का मौका है। शहर के कई हॉस्पिटल संचालकों ने आवेदन भी कर रखा है।
अधिवक्ता दीवानी कचहरी धनंजय तिवारी ने कहा कि जितने भी बड़े हॉस्पिटल हैं उन्हें अब शहर के बाहर खोलने पर जोर देना चाहिए। इससे शहर में होने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है। इसे लेकर अफसर और अस्पताल संचालक संवाद करें और रास्ता निकालें। पहले जब भीड़ कम थी तब तो कोई दिक्कत नहीं होती थी। लेकिन, आज तो हर घर में गाड़ी है। बहुत सारे लोग बाहर से मरीज लेकर आते हैं। योजनाबद्ध तरीके से अब इसका हल निकालने की जरूरत है।
बर्फखाना अमरनाथ साहनी ने कहा कि जीडीए ने शहर के बाहर विकसित हो रही अपनी नई परियोजना में मेडिसिटी का प्रावधान किया है। बड़े हॉस्पिटल व कोचिंग सेंटर वहां खुलने पर शहर में होने वाली भीड़ पर नियंत्रण किया जा सकता है। इसके लिए सोच बदलनी होगी।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी में बड़े व छोटे हॉस्पिटल के अलावा अन्य संस्थान के लिए भूखंड उपलब्ध है। शहर के अलावा बाहरी के कई संस्थानाें ने भूखंड देखा है। इसके अलावा राप्तीनगर विस्तार एवं स्पोर्ट्स सिटी में भी हॉस्पिटल के लिए अलग से भूखंड चिन्हित किया गया है।