अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष नवेद आलम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित मदरसा आधुनिकीकरण योजना जब से शुरू हुई है तभी से सरकार माह के हिसाब से मानदेय देने की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर सकी। जिले में करीब 163 मदरसे केंद्र सरकार की उपरोक्त योजना के तहत चल रहे हैं। इसमें करीब 489 शिक्षक कार्यरत हैं। मानदेय रोके जाने से शिक्षक आक्रोशित हैं। कोरोना काल में इनकी हालत और भी खराब हो गई है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि मदरसा आधुनिक शिक्षकों को राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली धनराशि पिछले वर्ष पूरी दी गई थी, जबकि इस वर्ष भी चार माह की धनराशि दे दी गई है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला मानदेय इन्हें नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश सरकार की इस मसले पर केंद्र सरकार के साथ बातचीत चल रही है। जल्द ही इनकी समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।