ओमवीर सिंह बिश्नोई, पुलिस महानिरीक्षक, गोवा
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अलग-अलग शिपिंग कंपनियां इनका संचालन करती हैं और दूसरी एजेंसियां इसपर काम करने के लिए निजी कर्मियों की नियुक्ति करती हैं। मर्चेंट नेवी में काम करने वाले आवेदकों में से शिपिंग कंपनी से जुड़कर अलग-अलग पदों पर सीधे शिप से जुड़ जाते हैं। जबकि, दूसरे अलग-अलग वर्गों और जरूरत के हिसाब से दूसरी एजेंसियों में जुड़कर इंडियन नेवी और शिप पर मेंटेनेंस और अन्य क्लीयरेंस के कामों से जुड़ते हैं।
ऐसे ही ये कर्मचारी शिपयार्ड पर भारतीय नौसेना जहाज बनाए जाने से लेकर आने वाले जहाजों के बीच पहुंच पाते हैं। इसके लिए इन्हें स्मार्ट पास की जरूरत होती है। इंडियन नेवी के शिप पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ये स्मार्ट पास अनिवार्य होता है।
इन्हीं कार्ड वाले कर्मचारियों को ही एजेंसी नेवल बेस शिपयार्ड पर भेजती है। इसे बनाने के लिए कर्मचारी का पासपोर्ट, जिस कंपनी का कर्मचारी हो, उसका इंप्लॉयमेंट लेटर और पीसीसी लगता है। वहीं, गोवा पुलिस ने भी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर अपनी सुरक्षा पहले से भी सख्त कर दी है।
पुलिस महानिरीक्षक गोवा पुलिस ओमवीर सिंह बिश्नोई ने बताया कि यूपी एटीएस ने इंटेलिजेंस के आधार पर कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेवल बेस शिपयार्ड पर ये कर्मचारी काम करता था। हमारी तरफ से एक बार फिर से सभी कंपनी और एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि स्मार्ट पास बनाए जाने के दौरान पीसीसी और अन्य जरूरी प्रपत्रों की जांच जरूर करें।
काम करने वाले सभी कर्मचारियों की पूरा ब्योरा एजेंसी के पास मौजूद रहना चाहिए, जिससे कभी जरूरत पड़े तो उस आधार पर जांच करवाई जा सके।