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गोरखपुर में सीएमओ ने दी ये खास जानकारी, यहां जानिए आइसोलेशन और क्वारंटीन में क्या है अंतर

Tue, 19 May 2020 09:50 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • 42856 लोगों को दी गई होम क्वारंटीन की सलाह : सीएमओ
  • 126 मेडिकल टीमें कर रही है काम, आइसोलेशन और होम क्वरंटीन के अंतर को भी बताया  
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कोरोना महामारी के बीच आइसोलेशन और क्वारंटीन शब्द बड़ी तेजी से आए हैं। इन दोनों शब्दों को सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने स्पष्ट करते हुए बताया है कि जिले में 42856 लोगों को होम क्वारंटीन की सलाह दी गई है। इसके लिए 126 स्वास्थ्य विभाग की टीमें काम कर रही है। जबकि अब तक किसी को भी आइसोलेट की सलाह नहीं दी गई है।
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सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग उन सभी लोगों को क्वारंटीन की सलाह देता है जो विदेश अथवा किसी दूसरे राज्य की यात्रा करके आए हों या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हों। बताया कि सेंटर पर क्वारंटाइन के दौरान संबंधित व्यक्ति को भी 14 दिन तक देखभाल में रखा जाता है।

बताया कि आइसोलेशन उस व्यक्ति को किया जाता है जो कोरोना वायरस संक्रमित हो जाता है और उसके संक्रमण होने की पुष्टि डॉक्टर द्वारा की जाती है। आइसोलेशन के दौरान उन्हें हर सुविधा दी जाती है और साथ ही उन्हें सभी प्रकार की दवाइयां देकर स्वस्थ करने की प्रक्रिया 14 दिन तक अपनाई जाती है। आइसोलेशन वार्ड घर से दूर किसी एकांत स्थान व अमूमन अस्पताल में ही होते हैं।
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कोरोना पॉजिटिव के परिजनों की रिपोर्ट आई निगेटिव

रसूलपुर में कोरोना पॉजिटिव मिले युवक के परिजन व रिश्तेदार की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यह जानकारी सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने दी है। बताया की पॉजिटिव युवक के 10 परिजन और रिश्तेदार का नमूना जांच के लिए भेजा गया था। इस दौरान सभी लोग डेंटल कॉलेज गीडा में क्वारंटीन थे। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सबको घर भेज दिया गया है।  

शव लेकर आ रहे लोगों को कराया क्वारंटीन
कानपुर से शव लेकर आ रहे लोगों को प्रशासन ने सोमवार को गीडा स्थित डेंटल कॉलेज में क्वारंटीन कर दिया है। मुंबई से आ रहे बुजुर्ग की कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उसका शव लेकर आ रहे लोगों को पुलिस ने सोमवार को कालेसर के पास रोका। प्रशासन ने बड़गांव गांव के पास शव को दफनवा दिया।
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बीमार हैं तो छुपाए नहीं बताएं, प्रशासन करेगा मदद: डीएम

इस दौरान शव के साथ आए चार लोगों को गीडा स्थित डेंटल कॉलेज में क्वारंटीन सेंटर में क्वारंटीन कराया गया है। बुजुर्ग झंगहा के महरू टोले का रहने वाला था। इसके अलावा सभी का सैंपल लेकर गोरखपुर जांच के लिए भेज दिया गया है। इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सहजनवां अनुज मलिक ने बताया कि शव के साथ आए लोगों को क्वारंटीन कराया गया है। सभी की जांच कर उसका सैंपल गोरखपुर भेज दिया गया है।

डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने सोमवार को असुरन, भेड़ियागढ़, कृष्णानगर प्राइवेट कॉलोनी, घोसीपुरवा, जंगल नंदलाल सिंह, रसूलपुर आदि क्षेत्रों का भ्रमण कर बाहर से आए प्रवासियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

इस दौरान डीएम ने सभी से अपील की कि अगर उन्हें कोराना संक्रमण के कोई लक्षण दिखते हैं या वे बीमार महसूस कर रहे हैं तो इसे छुपाए नहीं बल्कि प्रशासन से साझा करें। प्रशासन तत्काल आपके इलाज की व्यवस्था करेगा। जानकारी छिपा कर कोई भी व्यक्ति न केवल अपनों बल्कि समाज के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

डीएम ने संक्रमित मिलने पर सील किए गए जंगल नंदलाल सिंह और रसूलपुर क्षेत्र के लोगों से भी बात की और उनकी परेशानी जानी। उन्होंने वहां होम डिलीवरी आदि सुविधाओं की भी जानकारी दी।
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