गोरखपुर में होम आइसोलेट 24 संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य विभाग खुद ही कोविड अस्पताल में भर्ती कराएगा। इन मरीजों को कोरोना के साथ ही मधुमेह, हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां भी होने के कारण यह फैसला लिया गया है। जानकारी के मुताबिक जिले में 24 ऐसे मरीज हैं, जिनकी हालत होम आइसोलेशन लायक नहीं है, फिर भी परिजन उन्हें आइसोलेट किए हैं। ऐसे 24 मरीजों की लिस्ट विभाग ने तैयार कर ली है।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि फालोअप के दौरान होम आइसोलेशन में 24 ऐसे मरीज मिले हैं, जिनकी तबीयत ज्यादा खराब है, उन्हें विभाग 100 बेड टीबी अस्पताल सहित अन्य कोविड अस्पताल में भर्ती कराएगा।
शासन की ओर से मरीजों के होम आइसोलेशन को मंजूरी मिलने के बाद जिले के कोविड अस्पतालों में बेड फुल होने की समस्या खत्म हो गई है। लेकिन, छूट मिलने के बाद कई गंभीर मरीज भी अस्पताल में भर्ती नहीं होना चाह रहे हैं। ऐसे में कई बार गंभीर मरीजों की जान तक चली जा रही है।
हाल ही में दो बुजुर्गों की होम आइसोलेशन में मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों को लेकर सतर्क हो गया है। विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि जिनको जरा भी सांस लेने में सहित अन्य परेशानियां हो, वे होम आइसोलेशन में बिल्कुल न रहें। 100 बेड टीबी अस्पताल सहित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बने 500 बेड के कोविड अस्पताल में भर्ती हो जाएं।