गोरखपुर जिले के चिलुआताल इलाके में पूर्व ब्लॉक प्रमुख गोरख सिंह और उनके भाई मनीष की हत्या की साजिश रच रहे शूटर रणधीर यादव उर्फ जानू को बुधवार रात एसटीएफ ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। अंधेरे का फायदा उठाते हुए उसके दो साथी फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
पकड़ा गया शूटर रणधीर चिलुआताल इलाके के डोहरिया गांव का निवासी है। उसके पास से एसटीएफ ने दो पिस्टल, दो तमंचा, एक बंदूक, एक कारतूस, खोखा और एक बाइक बरामद की है। फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस टीम लगी है।
एसटीएफ के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख गोरख सिंह और उनके भाई मनीष की हत्या करने की साजिश रची जा रही है। इस सूचना पर टीम जांच में जुटी थी। बुधवार रात में सूचना मिली कि जंगल कौड़िया-कालेसर हाईवे पर डोहरिया गांव जाने वाले रास्ते पर तीन लोग हत्या की साजिश रच रहे हैं। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची तो बदमाश फायरिंग करने लगे।
जवाबी कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने एक बदमाश को दबोच लिया, जबकि दो अंधेरे का फायदा उठाते हुए फायरिंग करते हुए फरार हो गए। फरार आरोपियों की पहचान बड़हलगंज इलाके के मिश्रौली गांव निवासी झीनक यादव और सोनू चौधरी के रूप में हुई है। दोनों की तलाश में टीम लगी है।
महराजगंज से खरीदा गया था असलहा
एसटीएफ को आरोपी ने बताया कि महराजगंज के श्यामदेउरवा इलाके के कोटवा निवासी इंदल से 45-45 हजार रुपये में दो पिस्टल खरीदी गई थी। बंदूक 15 हजार, एक तमंचे को दस हजार, दूसरे को सात हजार में खरीदा गया था। इंदल ने आरोपियों को बताया था कि वह सुल्तानपुर से असलहा लेकर आता है। पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि गांव के नागेंद्र यादव, उसके भाई धर्मेंद्र यादव ने असलहा खरीदने के लिए रुपये दिए थे। साजिश रचने के बाद नागेंद्र बंगलूरू चला गया है।