18 मई 2023: बेलघाट के सोपाई घाट निवासी सूरज सिंह और उसके साथी सुभाष शर्मा को पुलिस ने जेल भेजा। दरअसल, इसके पहले 2018 में कमिश्नर आवास के पास फायरिंग में इन दोनों का नाम आया था, लेकिन केस दर्ज कर जेल भेजने के बाद पुलिस ने हिस्ट्रीशीट को खामोशी से बंद कद दिया था। फिर इन बदमाशों ने साथियों के साथ डीआईजी बंगला के सामने फायरिंग की थी। इसके बाद जमानत पर बाहर आए और रंगदारी मांगने लगे। तब अफसरों की नजर पड़ी और इनकी हिस्ट्रीशीट खोलने के साथ ही जेल में भेजा गया। अब इनके हर गतिविधियों पर जेल में भी खुफिया एजेंसी नजर रख रही है।
केस दो
23 मार्च 2013: पुलिस ने इलाहीबाग के साजिद अली उर्फ गुड्डू को जेल भेजा था। जमीन पर कब्जा करने के लिए मारपीट व धमकी देने वाले बदमाश साजिद ने फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर जमानत हासिल कर ली थी। फिर, पुलिस अफसरों के आदेश पर उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई। फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज कर जेल भेजा गया। लेकिन, इसके पहले तक यह आसानी से पुलिस की नजर से बचा रहा। एसपी सिटी ने खुद निगरानी की तो आरोपी को फिर से जेल भेजा गया था।
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केस तीन
छोटे बदमाशों की तरह ही बड़े माफिया ने भी थाने स्तर पर सांठगांठ कर अपनी गर्दन बचाई थी। मामला अफसरों के संज्ञान में आने के बाद ही माफिया राकेश यादव, माफिया अजीत शाही और माफिया विनोद उपाध्याय को फिर से जेल के पीछे पहुंचे हैं। इन सभी पर पुलिस अफसरों के दबाव में ही कार्रवाई हुई है। नहीं तो जिले के टॉप बदमाशों की सूची में शामिल होने के बाद भी पुलिस यही रिपोर्ट लगाती थी कि अपराध में इनकी वर्तमान में कोई संलिप्तता नहीं है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि बदमाशों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले में 100 से अधिक गैंग पंजीकृत किए जा चुके हैं। बदमाशों की हिस्ट्रीशीट लगातार खोली जा रही है। छोटा अपराध करते ही कार्रवाई कर जेल भेजने की कार्रवाई पुलिस कर रही है। माफिया पर कार्रवाई के लिए सभी एडिशनल एसपी को नोडल अफसर बना दिया गया है, जो उनके खिलाफ दर्ज केस की विवेचना अपनी देखरेख में करवा रहे हैं।