उनकी बातों का समर्थन साहबगंज के विश्वनाथ ने भी किया। फिर न्यायिक मध्यस्थता की प्रक्रिया के बारे में पूछने लगे। काफी देर से सबकी बात सुन रहीं भगवानपुर की सुनीता बोल उठीं। उन्होंने कहा कि वह कई दिनों से दौड़ रही हैं। कोई बात नहीं सुन रहा है। उनको आश्वस्त करते हुए सूर्यदेव पाठक ने कहा कि हम सभी एकजुट हैं। मिलजुल कर लड़ाई लड़ेंगे। इसी बीच हूटर बजने लगा, सभी उठकर देखने लगे। रामानंद बोले, लग रहा है कि तहसीलदार साहब आ गए।
सुबह 10.44 बजे करीब कैंपियरगंज के तहसीलदार केशव प्रसाद, उनके साथ कानूनगो विजय तिवारी, पीपीगंज के लेखपाल शुभम,बगहीभारी लेखपाल रत्नेश मिश्रा और सुधीर मिश्रा आए। तहसीलदार ने किसानों की बात सुननी शुरू कर दी। पांच मिनट बाद ही एसएलओ के लिपिक अमन पहुंच गए। किसान विमल जायसवाल ने उनके सामने शहरी दर पर मुआवजा देने की मांग उठाई। बंधुपुर के सूर्यनाथ, बरहटा के ढुनमुन साहनी, अच्छेलाल सहित अन्य लोगों ने अपनी बात रखी।
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बातचीत चल ही रही थी कि एसएलओ के लिपिक धर्मवीर और वरिष्ठ सहायक आशीष कुमार पांडेय और अमीन अभिषेक भी आ गए। किसानों के सारे बिंदु नोट किए गए। उनके दस्तावेजों की छायाप्रति ली गई। फिर सभी को पढ़कर उनकी मांगों को सुनाया गया। कहा गया कि सभी बिंदुओं को डीएम के सामने रखा जाएगा। ताकि, इस पर निर्णय हो सके। इसके बाद तहसीलदार व अन्य अधिकारी चले गए और इधर, किसानों ने नारेबाजी करके अपनी एकता का परिचय दिया।
- मुआवजे को लेकर जब तक कोई फैसला नहीं होता है, तब तक खेतों से मिट्टी की खुदाई न करें।
- गलत तरीके से हुए सीमांकन को निरस्त कर दोबारा सीमांकन कराई जाए।
- साहबगंज, जंगल अगही, बगही भारी सहित अन्य गांवों में सड़क किनारे जमीनें राजस्व में नहीं हैं। उनको राजस्व अभिलेखों में शामिल कराकर मुआवजा दिया जाए।
- वर्ष 2022-21 के बाजार मूल्य का अवलोकन करते हुए मुआवजा बने। पूर्व में किसानों के खातों में हुए भुगतान की रिकवरी पर रोक लगाई जाएगी। शहरी दर पर ही दोगुना मुआवजा सरकार दे।
- सभी किसान जून माह में न्यायिक मध्यस्थता दाखिल कर देंगे। इस पर डीएम 15 दिन के भीतर निर्णय देकर मामला खत्म कराएं।
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श्यामा ने पूछा हमार जमिनिया केतना बा साहब
किसानों और अधिकारियों की बातचीत के बीच हनुमंत नगर की बुजुर्ग महिला श्यामा पहुंच गईं। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि साहब हमार जमिनियां केतना बा साहब। श्यामा का मामला सामने आने पर किसान विमल जायसवाल ने उनका पक्ष रखा। उनके नाम से कितनी भूमि अधिगृहित है। इसका गजट नहीं हुआ है। विमल ने तहसीलदार को कई किसानों की समस्याएं बताई। बताया कि जिन किसानों का नाम प्रथम व द्वितीय गजट में प्रकाशित नहीं हुआ है। उनकी भी जमीन अधिगृहित कर ली गई है। ऐसे लोगों को उनकी जमीन के अधिग्रहित रकबे का वास्तविक प्रपत्र उपलब्ध कराया जाए ।
पुरुष लोग तो फिर डीएम कार्यालय चले जाएंगे। हम लोगों के लिए मुश्किल होगी। पंचायत की जानकारी पाकर यहां आए हैं। लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया। बाकी लोग जैसा कहेंगे, वैसा ही किया जाएगा।
-रुमाली, बंधुपुर
पहले भी इस तरह की पंचायत हुई थी। आज उम्मीद थी कि आज हम लोगों की बात सुनी जाएगी। लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। सड़क तभी बनेगी, जब हम लोगों के पक्ष में कोई निर्णय आएगा।
सुनीता, भगवानपुर
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हमारी जमीन गोलीगंज के पास है। उसमें पहले से आरसीसी चहारदीवारी बनी है। फिर भी अधिग्रहण हो गया है, जो मुआवजा मिला था। उसकी निकासी पर रोक लगा दी गई है। रोक हटाई जाए।
ढुनमुन साहनी, बरहटा
हम लोगों का पूरा बाग सड़क में पड़ रहा है। इसका मुआवजा मिलने के बाद लोग नई जमीन खरीदेंगे। लेकिन यही हाल रहा तो मामला कोर्ट में जाएगा। इससे परेशानी बढ़ेगी।
सूर्यनाथ बंधुपुर
किसानों की बातें सुनी गई हैं। कुछ लोगों के आवेदन लिए गए हैं। सभी बिंदुओं को डीएम के सामने रखा जाएगा। इस पर उन्हें ही निर्णय लेना है। किसानों को न्यायिक मध्यस्थता के बारे में जानकारी दी गई है। फिलहाल, आज को फैसला नहीं हो पाया है।
केशव प्रसाद, तहसीलदार कैंपियरगंज