गोरखपुर में एक हैरान करने वाला मामला समाने आया है। यहां कद्दू, तरबूज और नारियल में गांजा छिपाकर ले जा रहे दो तस्करों को एटीएफ और बेलीपार पुलिस की टीम ने रविवार दोपहर गिरफ्तार किया है। दोनों एक गाड़ी से आजमगढ़ व गाजीपुर से गांजा ले आ रहे थे।
बिहार के बार्डर वाले इलाके गोपालगंज व सीवान में बेचते थे। पुलिस ने उनके पास से एक गाड़ी, 1.15 क्विंटल गांजा और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपितों की पहचान कुशीनगर के तुर्कपट्टी निवासी दीपक कुमार और विसेंदर के रूप हुई है।
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एसटीएफ लखनऊ की टीम व बेलीपार पुलिस रविवार को वाराणसी हाईवे पर चेकिंग कर रही थी। इसी बीच सूचना मिली की बनारस की ओर से एक गाड़ी से दो व्यक्ति गांजा लेकर गोरखपुर की ओर आ रहे हैं। इसके बाद बेलीपार से पहले निर्माणाधीन पुल के पास घेराबंदी कर गाड़ी को रोक लिया गया।
एसपी साउथ ने बताया कि दोनों तरबूज, कद्दू, नारियल के नीचे गांजे के पैकेट छिपाए थे। ये लोग कुशीनगर के ही मिंटू पुत्र रामध्यान के साथ मिलकर गांजे की तस्करी करते हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया है। पकड़े गए आरोपियों को जेल भिजवा दिया।
वहीं, तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। तस्करों को पकड़ने वाली टीम में थानेदार बेलीपार सत्यप्रकाश सिंह, एसटीएफ लखनऊ के दरोगा पवन कुमार, सिपाही आलोक कुमार पांडेय, शैलेंद्र कुमार उपाध्याय आदि शामिल रहे।