नेपाल के कर्णाली राज्य सरकार द्वारा दूर-दराज के कोरोना संक्रमितों को हेलिकॉप्टर से बचाने का काम चल रहा है। राज्य सरकार ने पीड़ितों को भौगोलिक रूप से दूरस्थ बस्तियों व दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों मे जहां गाड़ी तो दूर पैदल भी ठीक तरीके से जाने का रास्ता नहीं है।
ऐसी जगहों पर कोविड मरीजों के इलाज के लिए प्रदेश सरकार ने निजी हवाई सेवा प्रदाताओं से हेलिकॉप्टर किराए पर ले कर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने का काम कर रही है। राज्य सरकार की कैबिनेट की बैठक में दूरदराज के इलाकों में संक्रमित लोगों के हवाई बचाव के लिए जरूरी बजट देने का भी फैसला किया गया है।
बैठक में कोरोना संक्रमितों को बचाने के लिए सामाजिक विकास मंत्रालय के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवा निदेशालय को तत्काल एक करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। भूमि प्रबंधन, कृषि और सहकारिता मंत्री कुरमाराज शाही ने कहा कि दूरदराज व दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों से संक्रमित लोगों को हेलिकॉप्टर से लाया जाए और उन्हें मेडिकल साधनों से सुसज्जित अस्पताल में भर्ती कराया जाए ताकि मरीजों का सही उपचार हो सके ।
इस फैसले के साथ ही राज्य सरकार अब संक्रमित लोगों के हुमला, डोलपा, मुगु और राज्य के अन्य दूरदराज के इलाकों से हेलिकॉप्टर से लाकर उन्हें अस्पतालों तक पहुंचा कर उनका जान बचाया जा रहा है। मंत्री के मुताबिक, बचाए गए संक्रमितों का इलाज करनाली इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड स्टेट हॉस्पिटल, सुरखेत में किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने कहा है कि सुगम स्थानों के संक्रमित लोगों को एंबुलेंस और दुर्गम के संक्रमित लोगों को हेलिकॉप्टर से बचाया जा रहा है। सरकार का कहना है दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों से जहां मोटर गाड़ी पहुचं नहीं पा रहे हैं, उन जगहों से मरीजों को बचाने के लिए हेलिकॉप्टर ही एकमात्र विकल्प है, क्योंकि दूरदराज के इलाकों में कोई विश्वसनीय उपचार सेवा नहीं है और न ही सड़क परिवहन प्रभावी है।