वहीं, नेपाल से सटे भारतीय सीमावर्ती इलाकों में भी बारिश की संभावना को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। 26 सितंबर को अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। नेपाल के मौसम विज्ञान विभाग की पूर्वानुमान महाशाखा के मुताबिक, देश में आगामी शुक्रवार से रविवार तक मौसम ज्यादा खराब हो सकता है।
विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से उठा खतरनाक मौसमी सिस्टम तेजी से हिमालय क्षेत्र की तरफ बढ़ रहा है इसके असर से पूरे क्षेत्र में जान-माल, खेती और यातायात को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
गंडक प्रांत पर ज्यादा असर के आसार
नेपाल डिपार्टमेंट ऑफ हाइड्रोलॉजी एंड मेट्रोलॉजी के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी शांति कंदेल के मुताबिक, गंडक प्रांत में कुछ स्थानों पर तेज आंधी-गरज-चमक और बिजली के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं। और लुंबिनी, मधेस, कोशी, बागमती और सुदूर पश्चिम प्रांत में भी कई जगह मूसलाधार और अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कर्णाली प्रांत में भी कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के आसार जताए गए हैं।
पर्वतारोही विशेष सतर्कता बरतें
मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश के कारण पहाड़ों पर बड़े पैमाने पर मिट्टी का कटाव,भूस्खलन और मलबे का बहाव हो सकता है। इसका सीधा असर निचले तराई इलाकों और शहरों पर पड़ेगा। ऐसे में पर्वतारोहियों से विशेष सर्तकता बरतने की अपील की गई है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल समेत पूर्वी इलाकों में बारिश के आसार
मौसम विभाग ने 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में आगामी दिनों में मौसम के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
24 सितंबर से प्रदेश भर में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी, जबकि 25 से 27 सितंबर के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाओं का ऑरेंज/येलो अलर्ट जारी किया गया है। गोरखपुर-बस्ती मंडल में समेत पूर्वी इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, आगामी 24-48 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से से मानसून वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इसी अवधि में बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के प्रभाव से प्रदेश के शेष भाग में वर्षा में व्यापक वृद्धि की संभावना है।
बता दें कि प्रदेश में कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं होने के कारण प्रदेश में मानसूनी बारिश औसत से 6 प्रतिशत कम दर्ज हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर बन रहा सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ते हुए 22 की रात को गहन अवदाब में बदल सकता है।
इस सिस्टम के 23 सितंबर की रात को विशाखापत्तनम एवं गोपालपुर के मध्य उत्तरी आंध्रप्रदेश-दक्षिणी उड़ीसा तट को पार करने की संभावना है। इसके चलते 24-27 सितंबर के बीच पूर्वांचल में तेज सतही हवाओं के साथ 25-27 सितंबर के दौरान प्रदेश में भारी वर्षा होने की संभावना है।
26 सितंबर को विशेष सावधानी बरतें
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 26 सितंबर को पूर्वी यूपी में अधिकांश स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। साथ ही 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका है। 28 सितंबर को बारिश की तीव्रता में कमी आएगी और मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा।