इन दिनों गर्मी और उमस से हर कोई परेशान है। खासतौर पर बच्चों के लिए गर्मी आफत बन गई है। स्कूल छोटे बच्चे जब स्कूल पहुंच रहे हैं तो वहां स्कूल प्रबंधन की ओर से उन्हें 40 से 50 की संख्या में एक साथ बैठाया जा रहा है। कमरे बच्चों से भरे होने के कारण उन्हें और ज्यादा गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। वे अफनाहट से तो परेशान हो ही रहे हैं, उनके माता-पिता को भी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। बच्चों की सेहत भी बिगड़ रही है।
बच्चों को स्कूल लेने पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि घर में तो हम बच्चों को गर्मी और उमस से बचाने के लिए कई तरह के इंतजाम किए हुए हैं, लेकिन स्कूल में बच्चों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। स्कूल से निकलने के बाद बच्चे सुस्त दिखते हैं। बच्चे जब घर पहुंच रहे हैं तो गर्मी से उनके शरीर पर लाल चकत्ते और दाने देखने को मिल रहे हैं। कपड़े बदलने के दौरान वह खूब खुजली करते हैं। इससे वह और भी लाल हो जा रहे हैं। कई बच्चों को तो डॉक्टर्स को दिखाने के नौबत आ जा रही है।
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बीते बुधवार को भटहट क्षेत्र के कंपोजिट जमुनिया विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा चार की छात्रा गर्मी से बेहोश हो गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटहट लाया गया, जहां उसे एक घंटे इलाज के बाद घर भेज दिया गया। डॉक्टर के मुताबिक, गर्मी के कारण उसके शरीर में पानी की कमी हो गई थी, जिससे वह बेहोश हो गई।
स्कूल के समय में परिवर्तन की मांग
भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेज मांग की है कि छोटे बच्चों के स्कूल सुबह 7:30 बजे से 12:30 बजे तक ही संचालित किए जाएं, ताकि बच्चे गर्मी से बच सकें।
गर्मी और उमस ने बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है। गर्मी के कारण बच्चे सुस्त नजर आ रहे हैं, उमस भरी गर्मी में बच्चे स्कूल में कैसे होंगे, इसकी चिंता लगी रहती है।
-डॉ. जूही श्रीवास्तव, बसंतपुर।
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मेरी दो बच्चियां स्कूल में पढ़ रही हैं, एक एलकेजी में है तो दूसरी यूकेजी में। स्कूल से घर पहुंचते ही बच्चे काफी देर तक एसी में बैठे रहते हैं। राहत मिलने पर ही वह सामान्य हो पाते हैं।
-अनिल गुप्ता, साहबगंज।
गर्मी के कारण बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है। बच्चों के शरीर पर गर्मी से लाल चकत्ते और दाने निकल जा रहे हैं। बच्चों को त्वचा रोग के डॉक्टर्स को भी दिखाना पड़ा है।
-मधु, रेलवे कॉलोनी।
बच्चों की पानी की कमी हो जा रही है। बाहर निकलते ही वह गर्मी से राहत के लिए आइस्क्रीम की मांग कर रहे हैं, लेकिन मौसम के बदलाव के बीच उन्हें मजबूरी में आइस्क्रीम दिलानी पड़ रही।
-अश्वनी गुप्ता, दीवान बाजार।