दो दिन अवकाश के बाद मंगलवार से बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की नई महायोजना के प्रारूप को लेकर दर्ज कराई गईं आपत्तियों पर फिर सुनवाई का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान 100 लोगों ने अपना पक्ष रखा। जंगल धूसड़ के एक व्यक्ति ने कहा कि- साहब! जिंदगी भर पूंजी जुटाकर जमीन ली। घर बनवाने की तैयारी कर रहा हूं। मगर, महायोजना 2031 के प्रारूप में मेरी जमीन का भू-उपयोग कूड़ादान कर दिया गया है।
इसी तरह ज्यादातर लोगों ने हरित क्षेत्र भू उपयोग को आवासीय में बदलने की मांग की। उनकी दलील थी कि मौके पर सैकड़ों मकान बन चुके हैं। कहीं खाली क्षेत्र है ही नहीं, तो हरित क्षेत्र कैसा? समिति ने नियमानुसार कार्यवाही का आश्वासन दिया है। कजाकपुर निवासी व्यक्ति ने कहा कि महायोजना के प्रारूप में उनकी जमीन को प्रखंडीय पार्क दिखाया गया है, उसे आवासीय करना उचित होगा। इसी तरह जंगल सिकरी खोराबार के लोगों ने हरित क्षेत्र को आवासीय करने को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
आपत्तिकर्ताओं के आने का सिलसिला सुबह 11 बजे से दोपहर बाद दो बजे तक चला। जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में सुनवाई के लिए गठित कमेटी में डीएम की ओर से नामित एडीएम सिटी विनीत सिंह, कमिश्नर की ओर से नामित अपर आयुक्त न्यायिक, सहयुक्त नगर नियोजक हितेश कुमार, जीडीए के नगर नियोजक अरविंद कुमार आदि शामिल हैं। प्रारूप पर 11 हजार से अधिक आपत्तियां आई हैं। सुनवाई के बाद समिति इन आपत्तियों पर निर्णय लेगी। उसके बाद प्रारूप में संशोधन कर जीडीए बोर्ड में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। स्वीकृति के बाद इसे शासकीय समिति के पास भेजा जाएगा। वहां से अनुमोदन के बाद नई महायोजना लागू कर दी जाएगी।
वेबसाइट पर देखें आप की बारी कब
जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि गोरखपुर महायोजना-2031 के प्रारूप पर 30 नवंबर की सुनवाई के लिए आपत्तिकर्ताओं की सूची प्राधिकरण की वेबसाइट
www.gdagkp.in पर अपलोड कर दी गई है। उन्होंने आपत्तिकर्ताओं से अपील की कि वेबसाइट पर नाम जांच कर, बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में सुनवाई के लिए उपस्थित हों।