गुड़ की बढ़ रही मांग ने जगाई आस
पिछले कुछ समय से सेहत के लिहाज से लाभदायक गुड़ की मांग बढ़ रही है। क्रसर मालिक सुमंत, बृजविहारी, बिल्लर आदि का कहना है कि मांग के अनुरूप गुड़ की गुणवत्ता को भी बेहतर किया जा रहा है। गुड़ के आकार-प्रकार में आए परिवर्तन के चलते अच्छी कीमत भी मिल रही है। यहां तैयार गुड़ लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी समेत कई अन्य जगहों पर भेजा जा रहा है। इसके अलावा पड़ोसी देश नेपाल में भी बड़े पैमाने पर यहां से गुड़ जा रहा है।
एक क्रशर पर 10 लोगों को काम
एक क्रशर पर गन्ना तौल से लेकर गुड़ बनाने तक में औसतन 10 लोगों को काम मिलता है। गुड़ बनाने से पहले उसके रस को पकाने की प्रक्रिया जटिल होती है। इसके लिए कारीगर की जरूरत पड़ती है। गोरखपुर मंडल में सबसे अधिक कारीगर बिहार से बुलाए जाते हैं।
स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है गुड़
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक राजेश कुमार बताते हैं कि गुड़ आयरन का बहुत बड़ा स्रोत है। इसके नियमित उपयोग से शरीर में खून की कमी नहीं होती। इसको बनाने की विधि भी सहज है, जिससे इसके प्राकृतिक गुण बने रहते हैं।