बीआरडी स्थित 500 शैया युक्त बाल रोग चिकित्सालय संस्थान।
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गोरखपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना की तीसरी लहर में हुई मौतों की असल वजह तलाशेगी। इसके लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ऑडिट करेगी। कारण पता लगने के बाद मौतों को रोकने के उपाय तलाशे जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, ऑडिट में मृत लोगों के रहन-सहन, आर्थिक स्थिति और खानपान को भी शामिल किया जाएगा। तीसरी लहर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अब तक चार संक्रमितों की मौत हो चुकी है। इनमें से दो देवरिया और दो गोरखपुर के रहने वाले थे। सभी के नमूने सुरक्षित किए गए हैं। साथ ही जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भी भेजे गए हैं।
किशोर था एचआईवी पीड़ित
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जिन संक्रमितों की मौत हुई है, उसमें से एक किशोर एचआइवी पीड़ित था। तीन अन्य मरीजों को कोई दूसरी बीमारी नहीं थी। उनके फेफड़े में संक्रमण तेजी से बढ़ा था। ऐसे में टीम जानना चाह रही है कि आखिर वायरस का असर उनके फेफड़े में इतनी तेजी से क्यों फैला?
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि इस बार भी संक्रमितों के मौत की ऑडिट की जाएगी। इसकी व्यवस्था बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज की संयुक्त टीम ऑडिट करेगी। इससे मौत का सही कारण पता चल सकेगा।