वहीं स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह के नेतृत्व में एमपी तिवारी, सरोज तिवारी व अरूण शाही मौके पर पहुंचे तो नर्सिंग होम के चिकित्सक व अधिकांश कर्मचारी फरार थे, मौके पर मात्र तीन कर्मचारी मौजूद थे, उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद नर्सिंग होम को सील कर दिया गया।
नर्सिंग होम में उस समय तीन मरीज थे, जिसमें खुखुंदू थाना क्षेत्र के बालेपुर निवासी युवक, मईल थाना क्षेत्र के बलिया गांव निवासी महिला तथा महुआडीह के बेलवा बाजार गांव निवासी एक महिला शामिल थी। तीनों मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
सदर कोतवाली क्षेत्र के पुरवा चौराहा के समीप स्थित नर्सिंग होम में युवक की मौत और हंगामे के मामले में डीएम आशुतोष निरंजन के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। इसमें एसीएमओ डॉ. एसके चौधरी, एसीएमओ डॉ. सतीश सिंह व नायब तहसीलदार सदर धर्मवीर को शामिल किया गया है।
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय सदर कोतवाली क्षेत्र के पुरवा चौराहा के समीप स्थित नर्सिंग होम में भर्ती युवक के मौत और हंगामे की सूचना मिलने पर एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा गया। मौके पर चिकित्सक व अन्य कर्मचारी नहीं मिले। नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है। नर्सिंग होम पंजीकृत है। इसकी सूचना डीएम को दी गई। उनके निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जिसमें दो एसीएमओ व नायब तहसीलदार सदर शामिल हैं। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।