गोरखपुर। रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत अभी भी बरकरार है। ऊपर से वितरण में अनियमितताओं ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ऐसे में अब प्रशासन भी सख्त हो गया है। वितरण व होम डिलीवरी में अनियमितता मिलने पर ट्रांसपोर्टनगर स्थित गंगा एजेंसी पर 33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद एजेंसी ने सबक लेते हुए होम डिलीवरी का बोर्ड लगा दिया है। उधर, शुक्रवार को कई एजेंसियों के गोदामों पर ताला लगा रहा।
गंगा गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं के मच्छरदानी में रातभर इंतजार करने का भी आरोप है। बीपीसीएल (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की ओर से जुर्माना लगाए जाने पर हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा कि जबसे गैस संकट शुरू हुआ तबसे गंगा एजेंसी पर सिलिंडर लेने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग रही थीं। गैस सिलिंडर वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी में सिलिंडर बेचने की शिकायतें भी लगातार आ सामने आ रही थीं। महिलाएं, बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले लोग इस अव्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे थे। उपभोक्ताओं को यह कहकर लौटा दिया जाता था कि गैस खत्म हो गई है या स्टॉक उपलब्ध नहीं है। उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप भी लगा।
सूत्रों के अनुसार, इसकी जांच बीपीसीएल ऑयल कंपनी के अधिकारी काफी दिनों से कर रहे थे। इसी क्रम में एजेंसी पर मच्छरदानी लगाकर उपभोक्ताओं के रातभर इंतजार करने का मामला सामने आया तो दो दिन में ही गैस एजेंसी पर कार्रवाई हो गई।
वर्जन
उपभोक्ताओं को परेशान करने और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब कठोर कदम उठाए जाएंगे। गंगा गैस एजेंसी पर सिलिंडर वितरण में अनियमितता मिलने पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की गई है। हिदायत दी गई है कि उपभोक्ताओं को किसी तरह से परेशान न किया जाए।
- रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी