गोरखपुर। हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र में प्रेमसागर यादव (30) की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि तीन माह पहले शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद और थप्पड़ मारने की घटना का बदला लेने के लिए दो दोस्तों ने सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची थी।
आरोपियों की पहचान संतकबीरनगर के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के रावतपुर निवासी अखिलेश यादव (20), अजीत कुमार यादव उर्फ सिंटू (40) और मामतपुर कठर निवासी सुधीर यादव (21) के रूप में हुई। इनमें अखिलेश और अजीत, प्रेमसागर के करीबी दोस्त थे।
साजिश के तहत पहले प्रेमसागर को शराब पिलाकर नशे में किया गया फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर रॉड और डंडे से हमला किया गया। आरोपियों ने प्रेमसासगर कोे मृत समझकर सड़क किनारे छोड़ दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
19 जुलाई की सुबह बैजलपुर ग्राम पंचायत भवन के पास सड़क किनारे प्रेमसागर अचेत अवस्था में मिले थे। परिजन उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां सोमवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रेमसागर के पिता ज्ञानेंद्र यादव की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि करीब तीन माह पहले शराब पार्टी के दौरान प्रेमसागर और उसके दोस्त अखिलेश व अजीत के बीच कहासुनी हो गई थी। विवाद के दौरान प्रेमसागर ने अजीत उर्फ सिंटू को थप्पड़ मार दिया था। इसी घटना के बाद दोनों ने मन में रंजिश पाल ली और बदला लेने के लिए प्रेमसागर की हत्या की साजिश रची।
पहले शराब पिलाई फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर हमला किया
पुलिस के मुताबिक, 18 जुलाई की शाम अखिलेश, प्रेमसागर को बहाने से गिठनी चौराहे पर ले गया और उसे खूब शराब पिलाई। नशे में बेसुध होने पर उसने अजीत को फोन कर बुलाया। अजीत अपने साथी सुधीर के साथ सफेद रंग की कार लेकर मौके पर पहुंचा। इसके बाद तीनों आरोपी प्रेमसागर को कार में बैठाकर बैजलपुर-सीउवा मार्ग के सुनसान इलाके में ले गए। वहां रॉड और डंडे से ताबड़तोड़ हमला किया। सिर पर रॉड लगने से प्रेमसागर गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हो गए। इसके बाद आरोपी मृत समझकर सड़क किनारे छोड़कर भाग गए। गंभीर हालत में उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां करीब 24 घंटे बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना का पर्दाफाश करने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।