गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष राजीव पांडेय ने बताया कि अभिषेक मौत के एक दिन पहले तक उनके संपर्क में थे। पारिवारिक कलह से परेशान भी थे, लेकिन अचानक इतना बड़ा कदम उठा लेंगे, यह नहीं सोचा था। सुसाइड नोट में अभिषेक ने न्याय दिलाने की बात लिखी है। उनका अचानक चले जाना बहुत ही स्तब्ध करने वाला है। सेडिका के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चंद्रभाल पांडेय ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे चुनाव में उन्होंने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मेरे अच्छे दोस्त थे उनका असमय चले जाना बहुत दुखदायी है।
2010 में की थी लव मैरिज
अभिषेक ने पांच जुलाई 2010 को बिछिया निवासी कुमुद सिंह से प्रेम विवाह किया। दोनों एक साथ ही पढ़ते थे। इस लव मैरिज के खिलाफ घरवाले थे लेकिन बाद में स्वीकार कर लिया। कुछ दिनों बाद अभिषेक एक टेलीकॉम कंपनी में नौकरी करने लगे। कुछ दिनों तक दिल्ली रहने के बाद पत्नी के साथ लखनऊ शिफ्ट हो गए। इसके बाद प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में भी हाथ अजमाया। वर्ष 2019 में एक कंपनी भी बनाई। उनके सहपाठी गबीश दुबे बताते हैं, अभी बहुत ही हंसमुख और जिंदादिल इंसान थे। उनके आत्महत्या करने की खबर से स्तब्ध हूं। वह अपनी दो साल की बेटी से बहुत प्यार करते थे।
11 अक्तूबर को था जन्मदिन
अभिषेक का जन्मदिन 11 अक्तूबर था। 1982 में जन्मे अभिषेक के मित्रों ने फेसबुक पर उनके साथ की तस्वीरें पोस्ट की हैं। अभिषेक सोशल मीडिया पर भी बहुत सक्रिय थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवप्रताप शुक्ला, जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा सहित कई बड़े नेताओं के साथ की फोटो उनके फेसबुक वॉल पर हैं।