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गोरखपुर विश्वविद्यालय: 40 शिक्षकों से हैकरों ने मांगी बैंक खाते की डिटेल, शिक्षिका ने जानकारी देने से मना किया तो हैक कर लिया मोबाइल नंबर

Sat, 21 Aug 2021 09:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

हैकरों ने एक महिला शिक्षिका के नंबर को हैक कर व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील पोस्ट कर दी। शिक्षिका ने मामले की शिकायत संबंधित बैंक और लखीमपुर खीरी पुलिस से की है।
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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 40 शिक्षक साइबर हैकरों के निशाने पर हैं। कैंपस में स्थित बैंक के दो पुराने अधिकारियों के नाम से फोन कर हैकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों से उनकी बैंक डिटेल मांग रहे हैं। इतना ही नहीं, डिटेल देने से मना करने पर हैकरों ने एक महिला शिक्षिका के नंबर को हैक कर व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील पोस्ट कर दी। शिक्षिका ने मामले की शिकायत संबंधित बैंक और लखीमपुर खीरी पुलिस से की है।
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बताया जाता है कि पिछले दो दिनों से मामला चल रहा है। हैकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों को फोन कर बैंक खातों से जुड़ी सभी जानकारी मांग रहे हैं। शिक्षकों का भरोसा जीतने के लिए कैंपस में स्थित बैंक के दो पुराने अधिकारियों के नाम और पहचान का उपयोग कर रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि जब नंबरों की जांच करनी शुरू की गई तो पता चला नंबर गलत है। लेकिन ट्रूलॉकर पर बैंक के दो पुराने अधिकारियों के नाम आ रहे हैं।

इनमें एक अधिकारी का स्थानांतरण तमिलनाडु में हो चुका है। वहीं, विश्वविद्यालय की लखीमपुर खीरी की रहने वाली शिक्षिका को हैकरों ने परेशान कर दिया है। शिक्षिका से बैंक के अकाउंट, पिन, पासवर्ड की जानकारी मांगी। जानकारी न देने पर शिक्षिका के मोबाइल नंबर को हैक करते हुए विश्वविद्यालय के शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर अश्लील तस्वीरें पोस्ट कर दीं। बैंक अकाउंट लखीमपुर खीरी में होने के कारण उन्होंने मामले की शिकायत वहां की पुलिस से की है।
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एडमिन ने व्हाट्सएप ग्रुप पर सदस्यों के मैसेज करने पर लगाई रोक
शिक्षिका के नंबर से कई व्हाट्सएप ग्रुप पर कई अश्लील तस्वीरें पोस्ट की गईं हैं। हैकरों के इस काम के बाद से विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। क्योंकि ग्रुप में विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी भी जुड़े हैं। इसके बाद से एडमिन ने सदस्यों के मैसेज डालने पर रोक लगा दी है।
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मामले की शिकायत पुलिस के साइबर सेल में की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय के आईटी सेल को भी इसकी सूचना देकर जांच कराई जाएगी।
- विशेश्वर प्रसाद, रजिस्ट्रार, गोविवि
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