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फर्जी ई-वे बिल: गोरखपुर में कई फर्म-व्यापारी आए जीएसटी के रडार पर, किया जा रहा चिह्नित

Mon, 18 Sep 2023 03:24 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

धंधेबाज बोगस बिल से दूसरे प्रदेशों से माल मंगवाते हैं और फर्जी ई-वे बिल डाउनलोड कर उसे असली की जगह प्रस्तुत करते हैं। जीएसटी की टीमों के रडार पर ऐसी फर्में हैं, जिन्हें टीम ने चिह्नित करना शुरू कर दिया है।
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GST - फोटो : Istock
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विस्तार
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सरकार ने कर की चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए जीएसटी लागू किया, लेकिन बड़े धंधेबाजों ने इसमें भी चोरी का रास्ता निकाल लिया है। तकरीबन 50 से 60 प्रतिशत व्यापार बिना ई-वे बिल के सादी पर्ची यानी कच्चे बिल पर हो रहा है। किराना दुकान, गारमेंट, कपड़ा, इलेक्ट्रिक सामान, होटल हो या रेस्टोरेंट हर जगह ग्राहकाें को कच्चा बिल ही दिया जा रहा है।

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धंधेबाज बोगस बिल से दूसरे प्रदेशों से माल मंगवाते हैं और फर्जी ई-वे बिल डाउनलोड कर उसे असली की जगह प्रस्तुत करते हैं। जीएसटी की टीमों के रडार पर ऐसी फर्में हैं, जिन्हें टीम ने चिह्नित करना शुरू कर दिया है।

शहर में हर रोज करोड़ों का व्यापार हो रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स कलेक्शन तो बढ़ा है, लेकिन टैक्स चोरी पूरी तरह से बंद नहीं हुई है। 18 से 28 प्रतिशत जीएसटी दायरे में आने वाले बड़े व्यापारी, कुछ छोटे व्यापारी हार्डवेयर, बालू गिट्टी और सरिया के कारोबारी टैक्स चोरी कर माल मंगा रहे हैं और फिर टैक्स चोरी करके माल बेच भी रहे हैं। इस धंधे में बोगस फर्म और बोगस बिल का इस्तेमाल हो रहा है।
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पिछले दिनों ऐसे ही माल एक बड़ी खेप जीएसटी की तरफ से पकड़ी गई थी। बोगस फर्म पर 16 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी ई-वे बिल भी डाउनलोड था। जांच में मामला पकड़ में आया। दरअसल, जीएसटी काउंसिल ने 50 हजार रुपए से अधिक का माल भेजने पर ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य कर दिया था।

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24 घंटे के अंदर ई-वे बिल कैंसिल कराने का ऑप्शन भी कारोबारियों व व्यापारियों को दे दिया है। इसका इस्तेमाल टैक्स चोरी के लिए खूब हो रहा है। माल व्यापारी और कारोबारी के गोदाम में पहुंचने के बाद ई-वे बिल कैंसिल हो जा रहा है। जबकि व्यापारी इसे ई-वे बिल से व्यापार करते रहते हैं।

एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड टू देवमणि शर्मा ने कहा कि बोगस फर्मों के साथ बोगस बिलों पर जीएसटी की नजर है। पिछले दिनों कुछ मामले पकड़ में आए थे। एसआईबी की टीम लगातार ऐसे बिलों और फर्मों पर काम कर रही है।

 
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