पिछले दिनों ऐसे ही माल एक बड़ी खेप जीएसटी की तरफ से पकड़ी गई थी। बोगस फर्म पर 16 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी ई-वे बिल भी डाउनलोड था। जांच में मामला पकड़ में आया। दरअसल, जीएसटी काउंसिल ने 50 हजार रुपए से अधिक का माल भेजने पर ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य कर दिया था।
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24 घंटे के अंदर ई-वे बिल कैंसिल कराने का ऑप्शन भी कारोबारियों व व्यापारियों को दे दिया है। इसका इस्तेमाल टैक्स चोरी के लिए खूब हो रहा है। माल व्यापारी और कारोबारी के गोदाम में पहुंचने के बाद ई-वे बिल कैंसिल हो जा रहा है। जबकि व्यापारी इसे ई-वे बिल से व्यापार करते रहते हैं।
एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड टू देवमणि शर्मा ने कहा कि बोगस फर्मों के साथ बोगस बिलों पर जीएसटी की नजर है। पिछले दिनों कुछ मामले पकड़ में आए थे। एसआईबी की टीम लगातार ऐसे बिलों और फर्मों पर काम कर रही है।